Delhi: राजधानी दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने हाथ मिलाया है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने केंद्रीय मंत्री Bhupender Yadav के ‘Dust-Free Delhi’ अभियान
Delhi: राजधानी दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने हाथ मिलाया है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने केंद्रीय मंत्री Bhupender Yadav के ‘Dust-Free Delhi’ अभियान का समर्थन किया। इस पहल का मकसद जनता की भागीदारी से दिल्ली की सड़कों और हवा से धूल को कम करना है ताकि लोगों को सांस लेने में आसानी हो।
दिल्ली में क्या-क्या नए बदलाव होंगे?
पर्यावरण मंत्री Bhupender Yadav और मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने मिलकर दिल्ली में 18 ‘Namo Oxygen Parks’ का उद्घाटन किया है। इसके साथ ही ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर पेड़ लगाए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार ने इस साल शहर में 15 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है। वहीं, ‘Dust Free Delhi Campaign’ के जरिए कुल 28.57 लाख पेड़, झाड़ियां और बांस लगाने की योजना है, जिसमें सबसे ज्यादा काम Southern Ridge इलाके में होगा।
निर्माण कार्यों और धूल रोकने के लिए क्या हैं नए नियम?
दिल्ली में धूल कम करने के लिए DPCC ने कड़े नियम लागू किए हैं। अब सभी कंस्ट्रक्शन साइट्स पर कम से कम 100 GSM मोटाई वाले ग्रीन नेट लगाना जरूरी होगा ताकि धूल न उड़े। साथ ही, 200 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए मलबे को ढके हुए वाहनों में ले जाना और तय केंद्रों पर जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। धूल रोकने के लिए वाटर स्प्रिंकलिंग और एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल भी जारी रहेगा।
प्रदूषण कम करने के लिए सरकार का अगला कदम क्या है?
सरकार सितंबर महीने में सड़कों की गहरी सफाई का अभियान चलाएगी और NCR में बड़े पैमाने पर झाड़ियां लगाने का काम होगा। प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 5,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाने और AI टूल्स के जरिए मॉनिटरिंग करने की योजना है। इसके अलावा, एक नया ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया जा रहा है जिससे मलबे की ट्रैकिंग GPS के जरिए की जा सकेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Dust Free Delhi Campaign के तहत कितने पेड़ लगाए जाएंगे?
इस अभियान के तहत कुल 28.57 लाख यूनिट्स लगाने का लक्ष्य है, जिसमें 14.27 लाख पेड़ और 14.29 लाख झाड़ियां व बांस शामिल हैं।
कंस्ट्रक्शन साइट्स के लिए धूल रोकने का नया नियम क्या है?
DPCC के नए नियम के अनुसार, अब सभी निर्माण स्थलों पर न्यूनतम 100 GSM मोटाई वाले ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य है।