UP, MP और Rajasthan : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने रेलवे के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इन प्रोजेक्ट्स से 6 राज्यों के 19 जिलों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सरकार ने इन काम
UP, MP और Rajasthan : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ने रेलवे के तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इन प्रोजेक्ट्स से 6 राज्यों के 19 जिलों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। सरकार ने इन कामों के लिए लगभग 23,437 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया है, जिससे आम लोगों का सफर आसान होगा और सामान की ढुलाई तेज होगी।
किन रूटों पर बिछाई जाएगी नई पटरी और क्या होगा फायदा
इन प्रोजेक्ट्स के तहत तीन मुख्य रूटों पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाई जाएगी। इससे ट्रेनों की भीड़ कम होगी और समय की बचत होगी। रेलवे नेटवर्क में कुल 901 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी, जिसका लक्ष्य 2030-31 तक पूरा करना है।
| प्रोजेक्ट का नाम |
रूट |
| नागदा–मथुरा |
तीसरी और चौथी लाइन |
| गुंतकल–वाडी |
तीसरी और चौथी लाइन |
| बुर्हवाल–सीतापुर |
तीसरी और चौथी लाइन |
आम जनता और पर्यटन को कैसे मिलेगा लाभ
इस फैसले से करीब 4,161 गांवों के 83 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही, देश के मशहूर धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। अब महाकालेश्वर, रणथंभौर नेशनल पार्क, मथुरा, वृंदावन और नैमिषारण्य जैसे स्थानों पर जाना और आसान होगा।
- माल ढुलाई में सालाना 60 मिलियन टन की बढ़ोतरी होगी।
- कोयला, खाद, सीमेंट और लोहे जैसे सामान की सप्लाई तेज होगी।
- तेल आयात में 37 करोड़ लीटर की कमी आएगी।
- CO2 उत्सर्जन में 185 करोड़ किलो की गिरावट आएगी, जो 7 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इन रेलवे प्रोजेक्ट्स से किन राज्यों को फायदा होगा?
इन प्रोजेक्ट्स से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
इन प्रोजेक्ट्स का कुल खर्च और समय सीमा क्या है?
इन तीन प्रोजेक्ट्स की कुल लागत लगभग 23,437 करोड़ रुपये है और इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।