Delhi: भारत में सुरक्षित AI सेवाओं के लिए pi-labs और Google Cloud आए साथ, सरकारी संस्थाओं को मिलेगा बड़ा फायदा
Delhi: भारतीय AI कंपनी pi-labs और Google Cloud ने एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस गठबंधन का मकसद भारत के लिए सुरक्षित और बड़े पैमाने पर काम करने वाले AI समाधान तैयार करना है। यह कदम मुख्य रूप से सरकारी संस्थानों, पब्लिक से
Delhi: भारतीय AI कंपनी pi-labs और Google Cloud ने एक रणनीतिक साझेदारी की है। इस गठबंधन का मकसद भारत के लिए सुरक्षित और बड़े पैमाने पर काम करने वाले AI समाधान तैयार करना है। यह कदम मुख्य रूप से सरकारी संस्थानों, पब्लिक सेक्टर संगठनों और देश के जरूरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।
इस साझेदारी में Google के ‘डिस्ट्रीब्यूटेड क्लाउड टैक्टिकल अप्लायंस’ और pi-labs की अपनी AI क्षमताओं का इस्तेमाल किया जाएगा। यह खास सिस्टम एक तरह के ‘बॉक्स में क्लाउड’ की तरह काम करता है, जिसे बिना इंटरनेट के भी चलाया जा सकता है। इससे संवेदनशील डेटा की सुरक्षा बनी रहेगी और डेटा भारत की सीमाओं के भीतर ही सुरक्षित रहेगा। इसमें अनुवाद, स्पीच और ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) जैसी एडवांस सुविधाएं मिलेंगी।
pi-labs एक ऐसी कंपनी है जो साइबर सुरक्षा और इंटेलिजेंस सॉल्यूशंस पर काम करती है। कंपनी के पास डीपफेक डिटेक्शन के लिए Authentify, स्पीच इंटेलिजेंस के लिए pi-vox और वीडियो फोरेंसिक्स के लिए pi-sense जैसे कई प्रोडक्ट्स हैं। कंपनी के फाउंडर और सीईओ अंकुश तिवारी के नेतृत्व में इसे NASSCOM Emerge 50 Awards 2025 में भी पहचान मिली थी।
Google इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने बताया कि उनका ध्यान एक ऐसा बुनियादी ढांचा तैयार करने पर है जिससे AI का इस्तेमाल सुरक्षित तरीके से बढ़ाया जा सके। वहीं Google क्लाउड इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर शशिकुमार श्रीधरन ने कहा कि अब संगठनों पर AI के जरिए बेहतर आर्थिक परिणाम दिखाने का दबाव है और Google का यह क्लाउड सिस्टम ग्राहकों को लचीलापन और स्केलेबिलिटी प्रदान करेगा।