Maharashtra: मुंबई के बीचों-बीच Pi Data Centers एक नया 3-मेगावाट (MW) का डेटा सेंटर खोलने जा रहा है। यह सुविधा अगस्त 2026 से काम करना शुरू कर देगी। इसका मुख्य मकसद भारत में क्लाउड सेवाओं और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के
Maharashtra: मुंबई के बीचों-बीच Pi Data Centers एक नया 3-मेगावाट (MW) का डेटा सेंटर खोलने जा रहा है। यह सुविधा अगस्त 2026 से काम करना शुरू कर देगी। इसका मुख्य मकसद भारत में क्लाउड सेवाओं और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के बढ़ते इस्तेमाल को मजबूती देना है।
मुंबई और हैदराबाद में क्या होगा बदलाव
Pi Data Centers ने अपनी योजना के तहत मुंबई के साथ-साथ हैदराबाद में भी विस्तार किया है। मुंबई वाला सेंटर अगस्त 2026 में शुरू होगा, जबकि हैदराबाद का 3MW डेटा सेंटर अक्टूबर 2026 तक चालू हो जाएगा। कंपनी ने पूरे भारत में कुल 23MW की क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें मुंबई का यह प्रोजेक्ट पहला कदम है।
कंपनियों और आम डिजिटल सेवाओं को कैसे होगा फायदा
Pi Data Centers के चेयरमैन कल्याण मुप्पनैनी ने बताया कि यह सेंटर AI और क्लाउड अपनाने वाली कंपनियों के लिए बहुत जरूरी होगा। इससे डेटा को भारत में ही सुरक्षित रखने (Data Localization) में मदद मिलेगी। JLL के रचित मोहन के मुताबिक, कम लागत और बिजली की अच्छी सप्लाई की वजह से भारत अब दुनिया का डेटा सेंटर हब बन रहा है।
डेटा सेंटर सेक्टर की बड़ी बातें
| खास जानकारी |
विवरण |
| मुंबई सेंटर शुरू होने की तारीख |
अगस्त 2026 |
| हैदराबाद सेंटर शुरू होने की तारीख |
अक्टूबर 2026 |
| कुल प्रस्तावित विस्तार |
23 मेगावाट (MW) |
| महाराष्ट्र की स्थिति |
भारत के 50% डेटा सेंटर यहाँ मौजूद हैं |
| ग्रोथ रेट (CAGR) |
2020 से 24% की बढ़त |
| सरकारी सुविधा |
बजट 2026-27 में टैक्स हॉलिडे का लाभ |
महाराष्ट्र के मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि अगले तीन सालों में महाराष्ट्र इस इंडस्ट्री में दुनिया का लीडर बन सकता है। सरकार ने डेटा सेंटर्स को ‘इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस’ दिया है और 2047 तक टैक्स में छूट की सुविधा दी है ताकि देश में डिजिटल क्रांति को बढ़ावा मिले।