Philippines में स्कूलों में बढ़ी हिंसा, राष्ट्रपति ने सुरक्षा के लिए जारी किए सख्त निर्देश

World : फिलीपींस के स्कूलों में छात्रों के साथ हुई दुखद घटनाओं के बाद वहां के राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. ने पूरे देश में स्कूल सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि स्कूल बच्चों के सीखने और बढ़ने क

World : फिलीपींस के स्कूलों में छात्रों के साथ हुई दुखद घटनाओं के बाद वहां के राष्ट्रपति Ferdinand Marcos Jr. ने पूरे देश में स्कूल सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि स्कूल बच्चों के सीखने और बढ़ने की सुरक्षित जगह होने चाहिए, न कि डर का केंद्र। उन्होंने अधिकारियों, माता-पिता और समाज से अपील की है कि वे बच्चों को हिंसा, लापरवाही और मानसिक तनाव से बचाने के लिए मिलकर काम करें।

राष्ट्रपति ने एक वीडियो संदेश में बताया कि हाल ही में Tacloban में स्कूल शूटिंग, Cavite में चाकूबाजी और टीम-बिल्डिंग एक्टिविटी के दौरान दो छात्र एथलीटों की मौत जैसी घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं को देखते हुए 26 जून 2026 को शिक्षा सचिव Sonny Angara ने देशभर में ‘School Safety Campaign’ शुरू किया है। इस मुहिम का मकसद कैंपस की सुरक्षा को मजबूत करना है, जिसमें पुलिस, स्थानीय सरकार और अभिभावकों की मदद ली जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के लिए अब स्कूलों में कई नए बदलाव किए जा रहे हैं। प्रशासन ने मेटल डिटेक्टर लगाने, आने-जाने वालों की कड़ी चेकिंग करने, बैग की जांच और CCTV कैमरों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही, सभी सरकारी स्कूलों में सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है ताकि बाउंड्री वॉल, गेट और इमरजेंसी एग्जिट जैसी कमियों को सुधारा जा सके।

सुरक्षा उपाय विवरण
चेकिंग सिस्टम मेटल डिटेक्टर और बैग की नियमित जांच
निगरानी CCTV कवरेज का विस्तार और सुरक्षा गार्डों की तैनाती
रिपोर्टिंग बुलिंग और हिंसा की शिकायत के लिए गोपनीय चैनल
डिजिटल सुरक्षा ऑनलाइन सेफ्टी और डिजिटल नागरिकता प्रोग्राम
मानसिक स्वास्थ्य पीडितों और गवाहों के लिए काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक मदद
पुलिस सहयोग स्कूलों के आसपास पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना

शिक्षा विभाग अब ‘ESMLE’ गाइडलाइंस और एंटी-बुलिंग नियमों को सख्ती से लागू कर रहा है। Tacloban के मेयर Alfred Romualdez ने स्कूलों में पैनिक बटन लगाने की योजना बनाई है, जिससे किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना मिल सके। राष्ट्रपति ने युवाओं से यह भी कहा कि अगर वे डिप्रेशन या चिंता जैसा महसूस कर रहे हैं, तो मदद मांगने में संकोच न करें, क्योंकि यह कमजोरी की निशानी नहीं है।