Navi Mumbai में पानी की किल्लत दूर करने के लिए Dehrang Dam की ऊंचाई बढ़ेगी, PCMC ने मंजूर किया 1,000 करोड़ का प्रस्ताव
Maharashtra: नवी मुंबई के पनवेल इलाके में पानी की भारी किल्लत को देखते हुए पनवेल सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PCMC) ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने देहरंग डैम की ऊंचाई 20 मीटर बढ़ाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये के प्रस्
Maharashtra: नवी मुंबई के पनवेल इलाके में पानी की भारी किल्लत को देखते हुए पनवेल सिटी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PCMC) ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रशासन ने देहरंग डैम की ऊंचाई 20 मीटर बढ़ाने के लिए 1,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस कदम से डैम की पानी जमा करने की क्षमता बढ़कर 38 मिलियन क्यूबिक मीटर हो जाएगी, जिससे शहरवासियों को पानी की समस्या से राहत मिलेगी।
यह फैसला 23 जून 2026 को हुई जनरल बॉडी मीटिंग के दौरान लिया गया। पनवेल के कॉर्पोरेटर लतीफ शेख ने पुष्टि की कि शहर में पानी की बहुत ज्यादा कमी है, इसलिए यह प्रोजेक्ट जरूरी हो गया है। देहरंग डैम करीब 62 साल पुराना है और यह पनवेल टाउनशिप के लिए पीने के पानी का मुख्य जरिया है। फिलहाल पनवेल को रोजाना करीब 230 MLD पानी मिलता है, जिसमें से केवल 16 MLD देहरंग डैम से आता है।
पानी की समस्या को सुलझाने के लिए प्रशासन ने कुछ और योजनाएं भी बनाई हैं। मीटिंग में देहरंग में एक बैराज बनाने के लिए केंद्र सरकार के अर्बन चैलेंज फंड से मदद मांगने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। हालांकि, वर्ल्ड बैंक की मदद से चलने वाली महाराष्ट्र अर्बन वाटर सप्लाई स्कीम के तहत पानी की आपूर्ति बढ़ाने के प्रस्ताव को फिलहाल लंबित रखा गया है।
इससे पहले फरवरी 2025 में पनवेल के विधायक प्रशांत ठाकुर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस डैम की ऊंचाई बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद मांगी थी। जनवरी 2025 में भेजे गए प्रस्ताव के मुताबिक, डैम का लेवल बढ़ाने के लिए करीब 294 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की जरूरत होगी। इसके अलावा, सितंबर 2025 में 140 करोड़ रुपये के एक अलग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई थी, ताकि मानसून के समय डैम से बहने वाले फालतू पानी को रोककर उसका इस्तेमाल किया जा सके। इस प्रोजेक्ट के तहत 10 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा, जिसका काम 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है।