Patna में छात्रों का भारी प्रदर्शन, SP संकेत कुमार ने पुलिसकर्मियों को दी चेतावनी, जमकर हुआ पथराव
Bihar/Patna: राजधानी पटना में 22 जुलाई 2026 को छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया जिससे शहर के कई हिस्सों में तनाव फैल गया। NEET पेपर लीक की जांच और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर AISA और अन्य छात्र संगठनों ने मो
Bihar/Patna: राजधानी पटना में 22 जुलाई 2026 को छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया जिससे शहर के कई हिस्सों में तनाव फैल गया। NEET पेपर लीक की जांच और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर AISA और अन्य छात्र संगठनों ने मोर्चा खोला। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं जिससे आम जनजीवन काफी प्रभावित रहा।
इस हंगामे के बीच एक वीडियो सामने आया जिसमें पश्चिमी SP संकेत कुमार अपने पुलिसकर्मियों को सख्त चेतावनी देते नजर आए। उन्होंने कहा कि अगर पुलिसकर्मी पीछे हटे तो उन्हें नौकरी करने के लायक नहीं छोड़ेंगे। इसके तुरंत बाद पुलिस बल प्रदर्शनकारियों की तरफ आगे बढ़ा। बता दें कि IPS संकेत कुमार 2022 बैच के अधिकारी हैं और पुलिस में आने से पहले ISRO में काम कर चुके हैं।
प्रदर्शनकारी छात्र राजभवन और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकाल रहे थे। पुलिस ने उन्हें JP गोलंबर और डाकबंगला चौराहा जैसे मुख्य पॉइंट्स पर रोकने की कोशिश की। जब छात्रों ने बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को हटाने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े।
हालात तब और बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में पटना IG की एस्कॉर्ट गाड़ी के शीशे टूट गए और कई अन्य पुलिस गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुईं। इस हिंसा में एक थानाध्यक्ष समेत कई छात्र और कुछ पत्रकार घायल हुए। स्थिति को संभालने के लिए डाकबंगला चौराहा और विधानसभा क्षेत्र में भारी संख्या में बिहार पुलिस, CRPF, BSF और SSB के जवानों को तैनात किया गया।
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं। तेज प्रताप यादव ने लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में बातचीत से समाधान निकालना चाहिए। वहीं MLA संदीप सौरभ ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया। दूसरी तरफ, शहर में तनाव के बीच बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी सादकत आश्रम के पास हिंसक भिड़ंत हुई जिसमें दोनों तरफ से पत्थरबाजी की गई।