Bihar: पटना के लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहर में अब इंदौर की तरह व्यवस्थित स्ट्रीट फूड हब बनाने की तैयारी चल रही है। पटना नगर निगम (PMC) ने इसके लिए शहरी विकास एवं आवास विभाग को प्रस्ताव भेजा है। इस पहल का मकसद सड़क किन
Bihar: पटना के लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहर में अब इंदौर की तरह व्यवस्थित स्ट्रीट फूड हब बनाने की तैयारी चल रही है। पटना नगर निगम (PMC) ने इसके लिए शहरी विकास एवं आवास विभाग को प्रस्ताव भेजा है। इस पहल का मकसद सड़क किनारे लगने वाली दुकानों को एक व्यवस्थित जगह देना और बिहार के पारंपरिक खाने को बढ़ावा देना है।
स्ट्रीट फूड हब की मुख्य बातें और सुविधाएं
इस प्रोजेक्ट को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत बनाया जाएगा। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद एक हब के लिए 4 करोड़ रुपये तक की मदद मिल सकती है। यहाँ पक्के निर्माण के बजाय आधुनिक अस्थायी स्टॉल लगाए जाएंगे। ग्राहकों की सुविधा के लिए बैठने की जगह, साफ पानी, शौचालय, पार्किंग और अच्छी लाइटिंग का इंतजाम होगा। साथ ही, FSSAI के एक्सपर्ट वेंडरों को सफाई और क्वालिटी की ट्रेनिंग देंगे।
कहाँ-कहाँ बनेंगे ये फूड हब और क्या होगा खास
पहले चरण के लिए तीन जगहों को चुना गया है। इसमें जेपी गंगा पथ (दीघा गोलंबर के पास), कोतवाली की खटाल गली और मीठापुर का कॉमन सर्विस सेंटर परिसर शामिल है। खास बात यह है कि यहाँ कम से कम 50% दुकानों पर बिहार की पारंपरिक मिठाइयां, स्नैक्स और स्थानीय व्यंजन मिलेंगे। इससे स्थानीय स्वाद को पहचान मिलेगी और शहर की सड़कें भी जाम से बचेंगी। बता दें कि फरवरी 2026 में मंदिरी-छज्जूबाग इलाके में ‘स्क्वायर स्ट्रीट’ नाम का एक फूड ज़ोन पहले ही शुरू हो चुका है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पटना में स्ट्रीट फूड हब किन जगहों पर बनेंगे?
पहले चरण में तीन जगहों की पहचान हुई है: जेपी गंगा पथ (दीघा गोलंबर के पास), कोतवाली की खटाल गली और मीठापुर का कॉमन सर्विस सेंटर परिसर।
इन फूड हब में क्या खास सुविधाएँ मिलेंगी?
यहाँ आधुनिक अस्थायी स्टॉल, बैठने की व्यवस्था, साफ पानी, शौचालय, पार्किंग और बेहतर लाइटिंग की सुविधा होगी। साथ ही 50% दुकानों में बिहार के पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध होंगे।