Patna के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की मौत, न्याय के लिए परिजन पहुंचे डिप्टी सीएम विजय चौधरी के पास

Bihar/Patna: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक NEET छात्रा की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में इंसाफ की गुहार लगाने के लिए मृतका के परिजन 17 जून 2026 को बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी से मिले। फिलहाल

Bihar/Patna: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में एक NEET छात्रा की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में इंसाफ की गुहार लगाने के लिए मृतका के परिजन 17 जून 2026 को बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी से मिले। फिलहाल इस पूरे केस की जांच CBI कर रही है और परिवार चाहता है कि जल्द से जल्द दोषियों को सजा मिले।

इस दुखद घटना की शुरुआत जनवरी 2026 में हुई थी। छात्रा 5 जनवरी को हॉस्टल लौटी थी और अगले ही दिन वह अपने कमरे में बेहोश मिली। अस्पताल में इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में यौन शोषण की बात सामने आई थी, जिसके बाद हॉस्टल मालिक Manish Ranjan को गिरफ्तार किया गया था।

केस में कई मोड़ आए जब 24 जनवरी को फॉरेंसिक रिपोर्ट में जबरन यौन संबंध बनाने की पुष्टि हुई। इस लापरवाही के कारण दो पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए CBI जांच की सिफारिश की थी। हालांकि, परिवार ने CBI पर भरोसा नहीं जताया और आरोप लगाया कि प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग की थी।

जांच के दौरान CBI ने हॉस्टल से दस्तावेज जब्त किए और छात्रा के गांव जाकर उसके परिवार से पूछताछ की। मार्च 2026 में एक आर्किटेक्ट के साथ क्राइम सीन की मैपिंग भी की गई। लेकिन अप्रैल 2026 में एक बड़ा मोड़ आया जब CBI समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई, जिसकी वजह से स्पेशल जज POCSO ने हॉस्टल मालिक Manish Ranjan को डिफॉल्ट बेल दे दी और वह बाहर आ गया।

उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार निष्पक्ष जांच चाहती है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि जब परिवार राज्य पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं था, तभी यह मामला CBI को सौंपा गया था।