Patna में सुरक्षा सख्त, पुलिस ने कई इलाकों में किया फ्लैग मार्च, छात्र प्रदर्शन के बाद अलर्ट
Patna: शहर में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पटना पुलिस ने रैपिड एक्शन प्लान शुरू किया है। पुलिस की टीमें अलग-अलग इलाकों में फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि आम लोगों में सुरक्षा का अहसास हो और उपद्रवियों में डर रहे।
Patna: शहर में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पटना पुलिस ने रैपिड एक्शन प्लान शुरू किया है। पुलिस की टीमें अलग-अलग इलाकों में फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि आम लोगों में सुरक्षा का अहसास हो और उपद्रवियों में डर रहे। पूरे शहर में पुलिस बल पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
यह कड़ी कार्रवाई 22 और 23 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शनों और हंगामे के बाद की गई है। NEET पेपर लीक के विरोध में AISA और RYA जैसे संगठनों ने प्रदर्शन किया था, जिसके दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ था। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश करने वालों पर जरूरी कार्रवाई की गई और पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की जा रही है।
इस तनाव का असर बिहार विधानसभा तक पहुँचा, जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। NDA विधायकों ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में छात्र नहीं बल्कि गुंडे शामिल थे, जिनकी वजह से 22 पुलिसकर्मी घायल हुए और कुछ BJP विधायकों की गाड़ियों को नुकसान पहुँचाया गया।
हालात को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में SSB, CRPF और BSF के जवानों को भी तैनात किया गया है। मंत्री अशोक चौधरी ने साफ किया है कि गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों पर सरकार सख्त एक्शन लेगी। पुलिस मुख्यालय ने बिहार के सभी जिला पुलिस प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी तरह की अशांति को रोकने के लिए मुस्तैद रहें।