Patna में नशेड़ी कार सवारों ने मचाया उत्पात, कई गाड़ियों को मारी टक्कर; भीड़ ने की जमकर पिटाई

Patna: राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ इलाके में शनिवार शाम को शराब के नशे में धुत दो युवकों ने जमकर हंगामा किया। नशे में चूर इन कार सवारों ने सड़क पर चल रहे कई वाहनों को टक्कर मार दी और राहगीरों को धक्का दिया। इस घटना के बा

Patna: राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ इलाके में शनिवार शाम को शराब के नशे में धुत दो युवकों ने जमकर हंगामा किया। नशे में चूर इन कार सवारों ने सड़क पर चल रहे कई वाहनों को टक्कर मार दी और राहगीरों को धक्का दिया। इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने दोनों युवकों की जमकर पिटाई कर दी।

यह पूरी घटना फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के नया टोला इलाके की है। बताया जा रहा है कि कार अनियंत्रित होकर एक दुकान में घुसने की कोशिश कर रही थी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। भीड़ ने न केवल दोनों युवकों को पीटा, बल्कि उनकी कार को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। पिटाई इतनी ज्यादा थी कि दोनों युवक अर्धनग्न अवस्था में आ गए। मौके पर पहुंची पुलिस को काफी मशक्कत के बाद उन्हें भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल ले जाना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, नशे में धुत चालक ने पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की और हाथापाई की।

पकड़े गए युवकों की पहचान फुलवारीशरीफ के टमटम पड़ाव निवासी रंजीत कुमार (पिता रविंद्र कुमार) और फुलवारी निवासी रंजीत चौहान (पिता घनश्याम चौहान) के रूप में हुई है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक उनकी गिरफ्तारी और आगे की कानूनी कार्रवाई पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है।

एक तरफ जहां यह घटना सामने आई, वहीं बिहार के उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने मुजफ्फरपुर में घोषणा की कि शराबबंदी कानून तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि अब शराब बनाने वाली कंपनियों पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी हाल ही में नशा मुक्त युवा कार्यक्रम में कहा था कि राज्य में शराबबंदी का असर दिख रहा है।

इसी बीच, नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की एक रिपोर्ट ने नई बहस छेड़ दी है। इस रिपोर्ट में बिहार को शराबबंदी वापस लेने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट का कहना है कि शराबबंदी महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने में नाकाम रही है और इससे अवैध शराब का कारोबार बढ़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आबकारी कर फिर से लागू होता है, तो राज्य के राजस्व में 14-15% की बढ़ोतरी हो सकती है।