Patna में PhD होल्डर्स का आमरण अनशन, तबीयत बिगड़ने पर 2 प्रदर्शनकारी अस्पताल में भर्ती
Bihar/Patna: पटना के गर्दनीबाग में असिस्टेंट प्रोफेसर और अन्य टीचिंग पदों पर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर तीन PhD होल्डर्स पिछले 11 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान दो शोधकर्ताओं की तबीयत का
Bihar/Patna: पटना के गर्दनीबाग में असिस्टेंट प्रोफेसर और अन्य टीचिंग पदों पर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग को लेकर तीन PhD होल्डर्स पिछले 11 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान दो शोधकर्ताओं की तबीयत काफी ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब इस अनशन में कुमुद पटेल अकेले बचे हैं, जिन्होंने बताया कि उन्हें सीने में दर्द और शरीर में काफी परेशानी महसूस हो रही है।
यह विरोध प्रदर्शन All PhD Holders and Research Scholars Association of Bihar द्वारा आयोजित किया गया है। प्रदर्शनकारी 4 अगस्त 2026 से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी मांग है कि बिहार सरकार उच्च शिक्षा भर्ती ढांचे में जरूरी बदलाव करे। कुमुद पटेल का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती, यह अनशन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने छह सूत्रीय मांग पत्र रखा है, जिसमें मुख्य रूप से ये बातें शामिल हैं:
- पुराने UGC नियमों के प्रावधानों को लागू करना।
- PhD, NET और JRF के लिए अलग वेटेज देना (NET के लिए 5, JRF के लिए 7, PhD के लिए 30 और MPhil के लिए 5 अंक)।
- भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 55 वर्ष करना।
- सभी विषयों के खाली टीचिंग पदों पर नियमित भर्ती करना।
- चयन प्रक्रिया में डोमिसाइल पॉलिसी लागू करना।
- अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कॉलेजों को यूनिवर्सिटी की कॉन्स्टिट्यूएंट यूनिट के रूप में विकसित करना।