Bihar में बसेगा आधुनिक शहर, पटना के पास बनेगा पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप, जानिए क्या है पूरा प्लान

Bihar/Patna : बिहार की राजधानी पटना के पास अब एक वर्ल्ड क्लास और सुनियोजित नया शहर बसाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस प्रोजेक्ट का नाम ‘पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ रखा गया है। इस नए शहर को विकसित क

Bihar/Patna : बिहार की राजधानी पटना के पास अब एक वर्ल्ड क्लास और सुनियोजित नया शहर बसाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस प्रोजेक्ट का नाम ‘पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप’ रखा गया है। इस नए शहर को विकसित करने के लिए सरकार ने ‘प्रारूप विकास योजना-2047’ तैयार की है, जिस पर हाल ही में विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक बड़ी बैठक हुई।

विकास आयुक्त ने साफ कहा कि यह टाउनशिप सिर्फ रहने की जगह नहीं होगी, बल्कि इसे इस तरह बनाया जाएगा कि लोगों को नौकरी, पढ़ाई, इलाज और ट्रांसपोर्ट के लिए दूर न जाना पड़े। इसमें कॉमर्स, एजुकेशन और हेल्थ सुविधाओं का पूरा तालमेल होगा। इस पूरे प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल लगभग 81,730 एकड़ होगा और इसे अगले 20 सालों में तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले 5 सालों में जमीन अधिग्रहण और बुनियादी ढांचे पर काम होगा।

प्रशासन ने इस योजना को लेकर कुछ जरूरी कदम उठाए हैं। 1 अगस्त 2026 को नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटा दी है। हालांकि, जमीन बेचने से पहले मालिकों को विभाग को सूचित करना होगा और बिक्री का कारण बताना होगा। साथ ही, आम लोगों और किसानों से 60 दिनों के भीतर इस ड्राफ्ट प्लान पर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं।

मुख्य बिंदु विवरण
कुल क्षेत्रफल लगभग 81,730 एकड़
विकास की अवधि 20 साल (3 चरणों में)
कनेक्टिविटी आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे (NH-119D) से जुड़ेगा
विशेष सुविधा फतुहा के जैतिया मौजा में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क
प्रक्रिया भूमि अधिग्रहण से पहले सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) होगा

इस नए शहर की कनेक्टिविटी के लिए आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल होगा, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच सीधा संपर्क बनेगा। इसके अलावा फतुहा के जैतिया मौजा में करीब 103-105 एकड़ जमीन पर एक बड़ा लॉजिस्टिक्स पार्क बनाया जाएगा, जिसमें वेयरहाउस और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाएं होंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए पटना, मुजफ्फरपुर, सारण और गया के जिलाधिकारियों को सामाजिक प्रभाव आकलन अध्ययन के निर्देश दिए गए हैं।