Patna में NEET पेपर लीक विरोध के बाद जेल के बाहर परिजनों का इंतजार, सरकार ने केस वापस लेने का दिया था आदेश
Patna: पटना की जेल के बाहर इन दिनों माहौल काफी भावुक है. अपने बेटों, भाइयों और बहनों की रिहाई का इंतजार कर रही माताओं और परिजनों की भीड़ जमा है. यह पूरा मामला NEET पेपर लीक विवाद के बाद हुए छात्र आंदोलनों से जुड़ा है, जि
Patna: पटना की जेल के बाहर इन दिनों माहौल काफी भावुक है. अपने बेटों, भाइयों और बहनों की रिहाई का इंतजार कर रही माताओं और परिजनों की भीड़ जमा है. यह पूरा मामला NEET पेपर लीक विवाद के बाद हुए छात्र आंदोलनों से जुड़ा है, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं को हिरासत में लिया गया था.
बता दें कि 22 और 25 जुलाई 2026 को पटना में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया था. इसके बाद बिहार सरकार के स्पेशल सेक्रेटरी क्षत्रनिल सिंह ने 27 जुलाई को आदेश जारी किया था कि 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले दर्ज सभी केस वापस लिए जाएं और गिरफ्तार लोगों को तुरंत रिहा किया जाए. लेकिन 29 जुलाई तक भी कई परिवार जेल के बाहर खड़े रहे, जिससे पता चलता है कि रिहाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है.
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारियां CCTV फुटेज और वीडियो सबूतों के आधार पर की गई हैं और किसी भी बेगुनाह को जानबूझकर नहीं फंसाया गया है. दूसरी तरफ, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने बेउर सेंट्रल जेल जाकर छात्रों से मुलाकात की. उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर 29 जुलाई तक सभी छात्रों और नेताओं को रिहा नहीं किया गया, तो 30 जुलाई को बिहार बंद किया जाएगा.
इस मामले में राजनीतिक हलचल भी तेज रही. जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव और CPI-ML विधायक संदीप सौरव जैसे बड़े चेहरे भी बेउर जेल में बंद रहे. सांसद पप्पू यादव ने इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पटना में अकेले 268 नामजद लोगों और 2,500 अज्ञात व्यक्तियों पर FIR दर्ज है, जिनमें से अब तक 93 छात्रों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है. कुछ कानूनी जानकारों का कहना है कि पुलिस ने सख्त धाराओं का इस्तेमाल किया है, जिससे छात्रों को जमानत मिलने में मुश्किल हो रही है.