Bihar: पटना में बनने वाली ग्रीनफील्ड टाउनशिप को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिन किसानों की जमीन इस प्रोजेक्ट में ली जाएगी, उन्हें उनकी मूल जमीन के करीब ही विकसित प्लॉट दिए जाएंगे। सरकार का मकसद है कि किसानों को
Bihar: पटना में बनने वाली ग्रीनफील्ड टाउनशिप को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब जिन किसानों की जमीन इस प्रोजेक्ट में ली जाएगी, उन्हें उनकी मूल जमीन के करीब ही विकसित प्लॉट दिए जाएंगे। सरकार का मकसद है कि किसानों को उनकी जमीन के बदले बेहतर सुविधाएं और सही जगह मिले, ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो।
किसानों को जमीन के बदले क्या मिलेगा
नगर विकास और आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया कि लैंड पूलिंग मॉडल के तहत किसानों को उनकी मूल जमीन का कम से कम 55% हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस मिलेगा। इन प्लॉटों में सड़क, बिजली, नाली और सीवरेज जैसी पूरी सुविधाएं होंगी। पहले केवल सड़क किनारे वाले प्लॉट महंगे होते थे, लेकिन अब इस सिस्टम को बदला जाएगा ताकि सबको बराबर का फायदा मिले। अगर प्लॉटों के बंटवारे में कोई समस्या आई, तो लॉटरी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।
जमीन का बंटवारा और सरकारी नियम
टाउनशिप के लिए ली गई कुल जमीन का इस्तेमाल अलग-अलग कामों के लिए होगा। इसमें 22% हिस्सा सड़कों और ट्रांसपोर्ट के लिए, 15% सरकार के विकास खर्च के लिए, 5% पार्क और अस्पताल जैसी सुविधाओं के लिए और 3% हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवास के लिए रखा गया है। जो किसान इस स्कीम में शामिल नहीं होना चाहते, सरकार उनसे बाजार दर पर जमीन खरीदेगी या उन्हें TDR (ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स) का विकल्प देगी।
जमीन की खरीद-बिक्री पर लगा बैन
सरकार ने पटना के स्पेशल जोन और कोर जोन में जमीन की खरीद-बिक्री और नए निर्माण पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह पाबंदी 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी, जबकि कुछ इलाकों में यह 30 जून 2027 तक चलेगी। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि जमीन की कीमतों में अचानक उछाल न आए और बाहरी लोग सट्टेबाजी करके किसानों को ठग न सकें। इस पूरे प्रोजेक्ट की प्लानिंग के लिए वर्ल्ड बैंक के एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किसानों को अपनी जमीन का कितना हिस्सा वापस मिलेगा?
लैंड पूलिंग मॉडल के तहत किसानों को उनकी मूल जमीन का कम से कम 55% हिस्सा पूरी तरह विकसित प्लॉट के रूप में वापस दिया जाएगा।
जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक कब तक है?
पटना के चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की बिक्री और निर्माण पर रोक 31 मार्च 2027 तक है, और कुछ विशेष टाउनशिप में यह 30 जून 2027 तक लागू रहेगी।