Patna में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी कार्रवाई, SHO समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड
Patna: बिहार की राजधानी पटना में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ADG सुधांशु कुमार ने बताया कि इस मामले में भारी लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद एक SHO, दो सब-इंस्पेक्टर, एक ASI और
Patna: बिहार की राजधानी पटना में चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ADG सुधांशु कुमार ने बताया कि इस मामले में भारी लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद एक SHO, दो सब-इंस्पेक्टर, एक ASI और एक कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने माना है कि 16 तारीख को आरोपी को सही तरीके से हैंडल नहीं किया गया था।
इस पूरे मामले में अब तक दो FIR दर्ज की जा चुकी हैं। 17 जून 2026 को हुए इस एनकाउंटर को लेकर काफी विवाद है। जहां बिहार पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी ने फायरिंग की थी और पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, वहीं दूसरी तरफ इसे फेक एनकाउंटर बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं, जिसकी जांच एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज करेंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अब यह कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। एडवोकेट विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में एक PIL दाखिल की है, जिसमें इस मामले की CBI जांच और शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है। इसके अलावा नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने भी इस केस में दखल दिया है और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की बात कही है।
राजनीतिक गलियारों में भी इस घटना पर चर्चा तेज है। जेडीयू के संजय कुमार झा और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने वायरल वीडियो का हवाला देते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी के खिलाफ भी FIR दर्ज की है, उन पर पुलिस पर फायरिंग करने और सहयोग न करने का आरोप है।