Bihar: राजधानी Patna को तो बिजली के तारों से मुक्ति दिलाने की तैयारी पूरी हो गई है, लेकिन Bhagalpur के लोग अब भी इंतजार कर रहे हैं। पटना में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि भागलपुर की योजना अभी भी
Bihar: राजधानी Patna को तो बिजली के तारों से मुक्ति दिलाने की तैयारी पूरी हो गई है, लेकिन Bhagalpur के लोग अब भी इंतजार कर रहे हैं। पटना में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि भागलपुर की योजना अभी भी सरकारी फाइलों और मंजूरी के चक्कर में फंसी हुई है। शहर के लोग अब भी लटकते तारों और उससे होने वाले खतरों के बीच रह रहे हैं।
Patna में क्या तैयारी है और कितना खर्च होगा
बिहार कैबिनेट ने Patna को तार-मुक्त बनाने के लिए 653 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इसमें से 576 करोड़ रुपये PESU के 9 डिवीजनों के लिए तय किए गए हैं, जिसमें 60% पैसा केंद्र सरकार और 40% राज्य सरकार देगी। बाकी 4 डिवीजनों के लिए राज्य योजना निधि से 76 करोड़ रुपये दिए गए हैं। लक्ष्य यह है कि 2027 तक पूरे पटना शहर को वायर-फ्री कर दिया जाए।
- Patna Junction से Gandhi Maidan तक का इलाका 119 करोड़ रुपये की लागत से तार-मुक्त होगा।
- लगभग 8 लाख उपभोक्ताओं को सुरक्षित और बिना रुकावट बिजली मिलेगी।
- शॉर्ट सर्किट और बिजली चोरी जैसी समस्याओं में कमी आएगी।
Bhagalpur में प्रोजेक्ट क्यों है अटका हुआ
Bhagalpur और Muzaffarpur के लिए भी अंडरग्राउंड केबलिंग की योजना बनाई गई थी, लेकिन इसकी Detailed Project Report (DPR) अभी कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार कर रही है। बताया जा रहा है कि अक्टूबर 2025 के आसपास चुनाव आचार संहिता की वजह से इस फाइल पर काम रुक गया था। हालांकि, शहर के कुछ हिस्सों जैसे वार्ड नंबर 19 और कदंबली चक में पुराने तारों को बदलने का काम शुरू हुआ है, लेकिन यह केवल मेंटेनेंस का काम है, पूरा अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट नहीं।
भागलपुर की बिजली व्यवस्था की मौजूदा हालत
शहर में कुछ छोटे स्तर पर सुधार हुए हैं, लेकिन बड़ी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। जहाँ एक तरफ कुछ सब-स्टेशनों को अंडरग्राउंड केबल से जोड़ा गया है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं की कमी दिख रही है।
| विवरण |
वर्तमान स्थिति |
| सब-स्टेशन कनेक्टिविटी |
तिलकामांझी, मायागंज, मेडिकल कॉलेज और सिविल सर्जन PSS को 33KV अंडरग्राउंड केबल से जोड़ा गया |
| Telia Kala सब-सेंटर |
5 MVA का ट्रांसफार्मर 15 महीने पहले आने के बाद भी नहीं लगा, 35 गांव परेशान |
| बिल सुधार कैंप |
अप्रैल 2026 तक चले कैंपों में ग्राहकों की भागीदारी बहुत कम रही |