Patna में बेऊर जेल के बाहर छात्रों का प्रदर्शन, छात्र ने कहा- पहले गोरे अंग्रेजों का शासन था, अब काले अंग्रेजों का

Bihar/Patna: पटना की बेऊर जेल के बाहर गिरफ्तार छात्रों के परिजनों और दोस्तों ने जमकर हंगामा किया। यहाँ अपने दोस्तों के रिहाई का इंतजार कर रहे एक छात्र ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पहले गोरे अंग्रेजों का शासन था

Bihar/Patna: पटना की बेऊर जेल के बाहर गिरफ्तार छात्रों के परिजनों और दोस्तों ने जमकर हंगामा किया। यहाँ अपने दोस्तों के रिहाई का इंतजार कर रहे एक छात्र ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पहले गोरे अंग्रेजों का शासन था और अब काले अंग्रेजों का शासन है। यह पूरा मामला NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार छात्रों की रिहाई से जुड़ा है।

बता दें कि 22 और 25 जुलाई 2026 को पटना में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया और बेऊर जेल भेज दिया। पुलिस ने इन लोगों पर दंगा करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और सरकारी काम में बाधा डालने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए थे। पुलिस का कहना था कि ये गिरफ्तारियां CCTV फुटेज और वीडियो सबूतों के आधार पर की गई हैं।

इस बीच बिहार सरकार ने 27 जुलाई को एक स्पष्टीकरण जारी किया था। सरकार ने कहा कि 26 जुलाई की शाम 6 बजे से पहले गिरफ्तार किए गए किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी और उन सभी के केस वापस ले लिए जाएंगे। पटना के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने NEET-UG विरोध प्रदर्शन से जुड़े 27 मामलों में केस वापस लेने के लिए आवेदन भी दाखिल किया है।

इतने आश्वासनों के बावजूद 29 जुलाई को भी जब छात्र जेल से बाहर नहीं आए, तो उनके परिवार और दोस्त बेऊर जेल के बाहर जमा हो गए। परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि जेल गार्ड उनके बच्चों के लिए लाए गए सामान और खाना खुद खा रहे हैं और उनके कपड़े पहन रहे हैं। साथ ही यह भी आरोप लगा कि जेल में मिलने के लिए एजेंट पैसों की मांग कर रहे हैं और ऑनलाइन आवेदन खारिज किए जा रहे हैं।

परिजनों ने यह भी बताया कि छात्रों को खतरनाक अपराधियों के साथ रखा गया है, जो उनसे पैसों की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 29 जुलाई तक सभी छात्रों को रिहा नहीं किया गया, तो 30 जुलाई को फिर से बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी बेऊर जेल का दौरा किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।