Crypto पर सरकार लेगी बड़ा फैसला, RBI और ICAI के साथ बैठक करेगा पार्लियामेंट का फाइनेंस कमेटी
Finance : भारत में क्रिप्टोकरेंसी और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) को लेकर सरकार अब नए नियमों पर विचार कर रही है। इसके लिए पार्लियामेंट की फाइनेंस स्टैंडिंग कमेटी 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के पार्लियामेंट हाउस एनेक्स में ए
Finance : भारत में क्रिप्टोकरेंसी और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) को लेकर सरकार अब नए नियमों पर विचार कर रही है। इसके लिए पार्लियामेंट की फाइनेंस स्टैंडिंग कमेटी 2 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के पार्लियामेंट हाउस एनेक्स में एक अहम बैठक करेगी। इस बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की संस्था ICAI हिस्सा लेंगे ताकि क्रिप्टो के लिए एक सही रोडमैप तैयार किया जा सके।
लोकसभा सचिवालय ने 25 जून 2026 को इस बैठक का नोटिस जारी किया था। इस विषय पर कमेटी की यह आठवीं बैठक है। इससे पहले 20 मई 2026 को भी चर्चा हुई थी, जिसमें बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज और सरकारी एजेंसियों से बात की गई थी। अब सरकार यह तय करना चाहती है कि आगे चलकर इन डिजिटल एसेट्स को कैसे रेगुलेट किया जाए।
इस बैठक में अलग-अलग संस्थाओं की भूमिका तय की गई है:
| संस्था | समय | मुख्य चर्चा के मुद्दे |
|---|---|---|
| Reserve Bank of India (RBI) | 11:00 AM से 12:30 PM | फाइनेंशियल स्टेबिलिटी, मनी लॉन्ड्रिंग का खतरा, निवेशक सुरक्षा और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क |
| ICAI | 12:30 PM से 1:30 PM | VDA टैक्स, अकाउंटिंग स्टैंडर्ड, ऑडिट की चुनौतियां और डिस्क्लोजर नियम |
RBI हमेशा से प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सतर्क रहा है और उसने इसके बजाय सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) की वकालत की है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नवंबर 2025 में कहा था कि स्टेबलकॉइन्स और क्रिप्टो में बहुत जोखिम है, इसलिए वे बहुत सावधानी बरत रहे हैं। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि क्रिप्टो पर टैक्स लगाने का मतलब यह नहीं है कि उसे लीगल टेंडर या कानूनी मुद्रा मान लिया गया है।
वर्तमान में भारत में क्रिप्टो गेन पर 30% फ्लैट टैक्स और कुछ ट्रांजेक्शन पर 1% TDS लागू है। हाल ही में जून 2026 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2,500 करोड़ रुपये से ज्यादा के अवैध क्रॉस-बॉर्डर क्रिप्टो ट्रांसफर पकड़े हैं, जिससे इस मामले में नियमों को और सख्त करने की जरूरत महसूस की जा रही है। चर्चा यह भी है कि भविष्य में SEBI एक्सचेंज की निगरानी करे, RBI विदेशी ट्रांजेक्शन देखे और वित्त मंत्रालय टैक्स और पॉलिसी संभाले।