Bihar: पूर्णिया सांसद Pappu Yadav ने भागलपुर में विक्रमशिला पुल और उसके पास बन रहे समानांतर पुल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुल के निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और निर्माण कंपनी को आड़े हाथों लिया। साथ ही
Bihar: पूर्णिया सांसद Pappu Yadav ने भागलपुर में विक्रमशिला पुल और उसके पास बन रहे समानांतर पुल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुल के निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और निर्माण कंपनी को आड़े हाथों लिया। साथ ही उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री Nishant Kumar के खिलाफ हो रहे व्यक्तिगत हमलों को गलत बताया और उनके काम करने के तरीके का समर्थन किया।
विक्रमशिला पुल की क्या है ताजा स्थिति
पुल के एक हिस्से के टूटने के बाद IIT Patna की टीम ने सेफ्टी ऑडिट किया है। BRO के अधिकारियों के मुताबिक 16 मई 2026 से मरम्मत का काम शुरू होगा और करीब 25 दिनों में सिंगल लेन ट्रैफिक फिर से शुरू हो सकता है। टूटे हुए 34 मीटर के हिस्से को 10 दिन में ठीक किया जाएगा, जिसके बाद पिलर्स का काम पूरा होगा। साथ ही 4 किलोमीटर लंबा एक आधुनिक Truss Bridge भी बनाया जा रहा है ताकि ट्रैफिक का दबाव कम हो सके।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पर पप्पू यादव ने क्या कहा
Pappu Yadav ने स्वास्थ्य मंत्री Nishant Kumar पर लगे नशीली दवाओं के सेवन के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार एक सभ्य और विनम्र व्यक्ति हैं और उन्हें अपनी काबिलियत साबित करने के लिए कम से कम छह महीने का समय मिलना चाहिए। पप्पू यादव ने राजनीतिक विरोध को मुद्दों पर रखने की सलाह दी और व्यक्तिगत हमलों से बचने को कहा।
आम जनता के लिए क्या मांग की गई
पुल की खराब हालत और नावों द्वारा मनमाने दाम वसूले जाने की शिकायत पर पप्पू यादव ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक पुल पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता, तब तक सरकार को जनता के लिए 10 मुफ्त स्टीमर चलाने चाहिए ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो और उन्हें लूट से बचाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला पुल पर ट्रैफिक कब तक शुरू होगा
BRO के अनुसार 16 मई 2026 से मरम्मत कार्य शुरू होगा और अगले 25 दिनों के भीतर सिंगल लेन ट्रैफिक फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
निशांत कुमार ने स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर क्या कदम उठाए हैं
निशांत कुमार ने पद संभालते ही 9 मई 2026 को 11 निर्देश जारी किए, जिनमें पेशेंट डेटा का डिजिटलीकरण, अस्पतालों में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है।