Panvel-Karjat रेल लाइन का काम लगभग पूरा, मुंबईकरों को जल्द मिलेगी राहत; MRVC ने बढ़ाई रफ्तार
Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। Panvel-Karjat नया सबअर्बन कॉरिडोर अब पूरा होने के करीब है। MRVC ने पिछले एक महीने में रेल बुनियादी ढांचे के कई बड़े काम पूरे कर लिए हैं, जिससे
Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। Panvel-Karjat नया सबअर्बन कॉरिडोर अब पूरा होने के करीब है। MRVC ने पिछले एक महीने में रेल बुनियादी ढांचे के कई बड़े काम पूरे कर लिए हैं, जिससे अब यात्रियों का सफर आसान और तेज हो जाएगा।
Panvel-Karjat कॉरिडोर का काम अब आखिरी दौर में है। जून 2026 तक यह प्रोजेक्ट करीब 98% पूरा हो चुका था। उम्मीद है कि 2026 के अंत तक रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) इसकी जांच करेंगे, जिसके बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत कुल 29.6 किलोमीटर की डबल लाइन बिछाई जा रही है, जिस पर करीब 2,782 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इस नए रूट पर कुल पांच स्टेशन होंगे, जिनमें Panvel, Chikhle, Poyanje/Mohape, Chowk और Karjat शामिल हैं। इस लाइन की सबसे खास बात Wawarie टनल है, जो 2.639 किलोमीटर लंबी होगी और मुंबई की सबसे लंबी सबअर्बन रेलवे टनल कहलाएगी। जुलाई 2026 तक चिखले और मोहापे में सबवे का काम पूरा हो गया है और स्थानीय लोगों के लिए ओवरब्रिज भी खोल दिए गए हैं।
मुंबई रेल नेटवर्क में अन्य बड़े बदलाव
MRVC केवल एक कॉरिडोर ही नहीं, बल्कि मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) के कई अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी तेजी से काम कर रहा है।
| प्रोजेक्ट का नाम | ताजा अपडेट |
|---|---|
| Virar–Dahanu Road | वंगाओं-डहाणू सेक्शन में ओवरब्रिज तैयार, केल्वे रोड स्टेशन पर सिग्नलिंग सिस्टम चालू। |
| Borivli–Virar 5th & 6th Lines | भयंदर में जमीन का कब्जा मिला, दिसंबर 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य। |
| Station Improvement Plan | 18 प्रमुख स्टेशनों को 949.89 करोड़ रुपये से अपग्रेड किया जाएगा, जिसमें लिफ्ट और एस्केलेटर लगेंगे। |
| Metro Integration | मेट्रो और लोकल ट्रेन स्टेशनों को जोड़ने के लिए एक विस्तृत अध्ययन शुरू किया गया है। |
इन प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने के लिए महाराष्ट्र कैबिनेट ने MRVC की आर्थिक मदद भी बढ़ाई है। कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी को 25 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। MRVC के चेयरमैन विलास वाडेकर के मुताबिक, इससे 64,644 करोड़ रुपये से अधिक के रेल प्रोजेक्ट्स को लागू करने में मदद मिलेगी। हालांकि, कल्याण-बडलापुर और ऐरोली-कलवा कॉरिडोर में कुछ जगहों पर अवैध कब्जे (encroachments) अब भी एक चुनौती बने हुए हैं।