Delhi में विरोध प्रदर्शन के बाद Panipat के टोल प्लाजा पर सुरक्षा बढ़ी, पुलिस ने जारी किया अलर्ट
Panipat/Delhi: दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते हरियाणा के पानीपत में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। Cockroach Janata Party (CJP) के प्रदर्शन और किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की हिरासत के बाद माहौल तनावपूर्ण है। प्रशासन
Panipat/Delhi: दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते हरियाणा के पानीपत में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। Cockroach Janata Party (CJP) के प्रदर्शन और किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी की हिरासत के बाद माहौल तनावपूर्ण है। प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए टोल प्लाजा पर भारी पुलिस बल तैनात किया है।
पानीपत पुलिस ने सोमवार सुबह से ही GT रोड पर स्थित सेक्टर-18 और दहा टोल प्लाजा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। Superintendent of Police भूपेंद्र सिंह ने खुद मौके पर जाकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। DSP मुख्यालय मुकेश कुमार ने बताया कि दिल्ली की ओर जाने वाले संदिग्ध वाहनों की लगातार चेकिंग की जा रही है ताकि शहर की शांति बनी रहे।
दूसरी तरफ, किसान नेताओं ने गुरनाम सिंह चढूनी की रिहाई की मांग को लेकर मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को दिल्ली कूच करने का ऐलान किया है। इस खतरे को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भी कमर कस ली है। संसद मार्च की आशंका के चलते नई दिल्ली जिले को 15 जोन में बांटा गया है और वहां 5,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ 25 से ज्यादा अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इंडिया गेट, राष्ट्रपति भवन और संसद जैसे संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। अब पांच या उससे ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं हो सकते और बिना अनुमति के किसी भी तरह के जुलूस या धरने पर रोक लगा दी गई है। DCP सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया के जरिए साफ किया है कि किसी भी विरोध मार्च के लिए अनुमति नहीं दी गई है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
इन सबके बीच दिल्ली में टोल सिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा है। MCD की मंजूरी के बाद 154 एंट्री पॉइंट्स पर बिना बैरियर वाला Multi-Lane Free Flow (MLFF) सिस्टम लगाया जा रहा है। इसमें ANPR कैमरों और FASTag के जरिए पैसे कटेंगे। नए नियमों के मुताबिक, अगर FASTag में पैसे नहीं हैं और 72 घंटे के भीतर टोल नहीं भरा गया, तो पांच गुना जुर्माना लग सकता है और गाड़ी भी जब्त की जा सकती है।
पानीपत में एक अलग मामला भी सामने आया है जहां ग्रामीण पानीपत-रोहतक हाईवे पर मिट्टी वाले ओवरब्रिज के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि यहां पिलर वाला पुल बनाया जाए। उन्होंने पंचायत मंत्री किशन लाल और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अपनी शिकायत भेजी है और मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है।