Panipat में सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर बड़ा एक्शन, बिशनस्वरूप कॉलोनी के 4 कोचिंग सेंटर सील
Haryana/Panipat: पानीपत जिला प्रशासन ने शुक्रवार को शहर के बिशनस्वरूप कॉलोनी में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार नामचीन कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है। यह कदम उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद
Haryana/Panipat: पानीपत जिला प्रशासन ने शुक्रवार को शहर के बिशनस्वरूप कॉलोनी में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार नामचीन कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है। यह कदम उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के बाद उठाया गया है। प्रशासन का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों की जान जोखिम में डालकर कोचिंग संस्थान न चलाए जाएं।
लखनऊ में हुई आगजनी की घटना के बाद देश भर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इसी के चलते पानीपत प्रशासन ने पहले एक छह सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाई थी और सभी संस्थानों को आपातकालीन योजनाएं तैयार करने को कहा था। 2 जुलाई से 6 जुलाई के बीच प्रशासन ने कई सेंटरों का निरीक्षण किया और नोटिस भी जारी किए। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कोचिंग संचालकों से मुलाकात कर उन्हें सुरक्षा नियमों का पालन करने की चेतावनी दी थी, लेकिन नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले सेंटरों पर अब ताला लगा दिया गया है।
हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान पंजीकरण और विनियमन अधिनियम, 2024 के मुताबिक अब राज्य में सभी निजी कोचिंग सेंटरों का रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। अगर कोई संस्थान नियमों का पालन नहीं करता है, तो उस पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है और भवन मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। नए नियमों के तहत अब कोचिंग सेंटरों को छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए मनोवैज्ञानिक रखने और केवल स्नातक शिक्षकों को ही नियुक्त करने की जरूरत होगी।
सुरक्षा मानकों की बात करें तो नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) के अनुसार 15 मीटर से ज्यादा ऊंची इमारतों में दो अग्नि-प्रतिरोधी सीढ़ियां और फायर लिफ्ट होना अनिवार्य है। उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ हादसे के बाद बेसमेंट में किसी भी तरह की कोचिंग या कमर्शियल गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगा दी है। पानीपत प्रशासन ने भी साफ कर दिया है कि अग्नि NOC और पार्किंग जैसे जरूरी इंतजामों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व BSF इंस्पेक्टर और कोचिंग संचालक रवींद्र दलाल ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि नियमों को लागू करने के लिए व्यावहारिक समय दिया जाए। उन्होंने बताया कि अब सेंटरों में अतिरिक्त CO2 अग्निशामक यंत्र लगाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में किसी भी हादसे को रोका जा सके।