Palghar में बनेगा देश का पहला Offshore Airport, CM फडणवीस ने DPR तैयार करने के दिए आदेश
Maharashtra/Palghar: पालघर के कोरे बीच के पास भारत का पहला ऑफशोर एयरपोर्ट बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के आदेश दिए हैं। यह एय
Maharashtra/Palghar: पालघर के कोरे बीच के पास भारत का पहला ऑफशोर एयरपोर्ट बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के आदेश दिए हैं। यह एयरपोर्ट समुद्र के बीच एक कृत्रिम द्वीप पर बनाया जाएगा, जिससे मुंबई के हवाई यातायात के दबाव को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 28 जून 2026 को पालघर जिले के कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की, जिसमें वधवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल था। प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट में इस प्रोजेक्ट को संभव बताया गया है, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इसे आगे बढ़ाने की मंजूरी दी। इस एयरपोर्ट में दो रनवे होंगे और इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह 2050 तक मुंबई के हवाई अड्डों पर बढ़ने वाले ट्रैफिक को संभाल सके।
यह एयरपोर्ट रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण जगह पर होगा। यह उत्तन-विरार सी लिंक से करीब 4.75 किलोमीटर दूर होगा, जिससे मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट से इसकी सीधी कनेक्टिविटी मिल जाएगी। साथ ही, इसे वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे, वेस्टर्न रेलवे के लिए मेट्रो लिंक और मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से भी जोड़ा जाएगा।
इस प्रोजेक्ट से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लोकेशन | कोरे बीच, पालघर (कृत्रिम द्वीप) |
| रनवे की संख्या | 2 रनवे |
| पैसेंजर क्षमता | 90 मिलियन यात्री सालाना |
| कार्गो क्षमता | 3 मिलियन मीट्रिक टन सालाना |
| अनुमानित लागत | ₹45,000 करोड़ से ₹76,000 करोड़ के बीच |
| प्रबंधन एजेंसी | Maharashtra Airport Development Company Ltd (MADC) |
इस प्रोजेक्ट के साथ-साथ वधवन पोर्ट का काम भी तेजी से चल रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने पोर्ट के रिक्लेमेशन जोन में मैंग्रोव हटाने की मंजूरी दे दी है, जिससे काम में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि इस एयरपोर्ट का निर्माण कार्य 2026 में शुरू हो सकता है। यह पूरा हब पश्चिमी भारत के ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगा।