West Bank में हिंसा बढ़ी, फिलिस्तीनी राष्ट्रपति Mahmoud Abbas ने दुनिया से मांगी मदद
World : वेस्ट बैंक और पूर्वी जेरूसलम में इजरायली सैन्य कार्रवाई और बस्तियों में रहने वाले लोगों की हिंसा बढ़ गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए फिलिस्तीनी राष्ट्रपति Mahmoud Abbas ने दुनिया के बड़े नेताओं, संयुक्त राष्ट
World : वेस्ट बैंक और पूर्वी जेरूसलम में इजरायली सैन्य कार्रवाई और बस्तियों में रहने वाले लोगों की हिंसा बढ़ गई है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए फिलिस्तीनी राष्ट्रपति Mahmoud Abbas ने दुनिया के बड़े नेताओं, संयुक्त राष्ट्र (UN), यूरोपीय संघ और अरब देशों को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत दखल देने की अपील की है ताकि आम लोगों की जान बचाई जा सके।
राष्ट्रपति Abbas ने 26 जुलाई को ये पत्र भेजे थे, जो 27 जुलाई 2026 को सार्वजनिक हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि हालात बहुत खतरनाक मोड़ ले रहे हैं। उनका कहना है कि इजरायल जानबूझकर ऐसी नीति अपना रहा है जिससे बस्तियों का विस्तार हो और फिलिस्तीनियों को उनकी जमीन से हटाया जा सके। Abbas के मुताबिक, इस तरह के कदमों से दो-राष्ट्र समाधान (two-state solution) का रास्ता बंद हो रहा है और पूरे इलाके की शांति खतरे में है।
हालिया घटनाओं की बात करें तो रविवार रात वेस्ट बैंक में दो मस्जिदों में आग लगाने की खबरें आईं। एक मस्जिद Qusra में थी और दूसरी Kour गांव में, जहां दीवारों पर नस्ली नारे लिखे मिले। इसी हफ्ते हुई हिंसक झड़पों में चार फिलिस्तीनियों और दो इजरायलियों की मौत हो गई। इजरायली सेना ने नब्लुस और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर कई लोगों को हिरासत में लिया है।
आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में अब तक वेस्ट बैंक में 87 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से 21 की मौत इजरायली सेटलर्स के हमलों में हुई। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि करीब 850 फिलिस्तीनी इन हमलों में घायल हुए हैं। वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा है कि वे आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए सैन्य कार्रवाई बढ़ा सकते हैं।
इस बीच, स्पेन ने सेटलर्स की हिंसा की कड़ी निंदा की है और पोप Leo XIV ने भी मध्य पूर्व में शांति की अपील की है। फिलिस्तीनी राष्ट्रपति ने मांग की है कि इजरायल पर बस्तियां बनाने से रोकने के लिए दबाव डाला जाए और दोषियों को सजा दी जाए।