World : अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत के चलते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। इस दौरान लोगों की भीड़ को सड़कों से दूर रखने के लिए 9 और 10 अप्रैल 2026 को स्कूल और सरकारी दफ
World : अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम बातचीत के चलते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है। इस दौरान लोगों की भीड़ को सड़कों से दूर रखने के लिए 9 और 10 अप्रैल 2026 को स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद रखे गए हैं। पाकिस्तान इस बातचीत की मेजबानी कर रहा है ताकि दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को कम किया जा सके।
इस्लामाबाद में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए इस्लामाबाद के रेड जोन का कंट्रोल सेना को सौंप दिया गया है। सड़कों पर 10 हजार से ज्यादा सैन्य और पुलिसकर्मी तैनात हैं, साथ ही 1000 ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ट्रैफिक संभाल रहे हैं। इस्लामाबाद और रावलपिंडी को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया है और रणनीतिक जगहों पर शिपिंग कंटेनर रखे गए हैं। बातचीत के लिए चुने गए सेरेना होटल को 8 अप्रैल को खाली करा लिया गया था और वहां कड़ी सुरक्षा तैनात है।
इस बातचीत का मुख्य मकसद और समय क्या है?
यह बातचीत 10 या 11 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली है। इसका मुख्य उद्देश्य 8 अप्रैल को लागू हुए दो हफ्ते के युद्धविराम (ceasefire) को स्थायी समझौते में बदलना है, जो 22 अप्रैल को खत्म होगा। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति JD Vance करेंगे, जबकि ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ के आने की उम्मीद है।
पहले क्यों हुई थी हिंसा और अब क्या स्थिति है?
मार्च 2026 में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पाकिस्तान में शिया समूहों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे। इन प्रदर्शनों में देश भर में दो दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए थे। कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास पर हमला कर आग लगाने की कोशिश की थी, जिसमें 12 लोगों की मौत हुई थी। इसी पुराने तनाव को देखते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
| मुख्य विवरण |
जानकारी |
| बंद की तारीखें |
9 और 10 अप्रैल 2026 |
| प्रभावित शहर |
इस्लामाबाद और रावलपिंडी |
| सुरक्षा बल |
11,000+ सैन्य और पुलिसकर्मी |
| युद्धविराम की अवधि |
8 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026 |
| अमेरिकी नेतृत्व |
उपराष्ट्रपति JD Vance |