Pakistan ने अमेरिका से मांगी 10 अरब डॉलर की मदद, गिरते रुपये को संभालने की कोशिश

Finance: पाकिस्तान एक बार फिर आर्थिक संकट से जूझ रहा है और अब उसने अमेरिका से मदद की गुहार लगाई है। पाकिस्तान ने अपनी विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने और गिरते रुपये को स्थिर करने के लिए अमेरिका से 10 अरब डॉलर के ‘एक्

Finance: पाकिस्तान एक बार फिर आर्थिक संकट से जूझ रहा है और अब उसने अमेरिका से मदद की गुहार लगाई है। पाकिस्तान ने अपनी विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने और गिरते रुपये को स्थिर करने के लिए अमेरिका से 10 अरब डॉलर के ‘एक्सचेंज स्टेबलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी’ की मांग की है। अगर यह मदद मिलती है, तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिल सकता है।

यह मामला तब सामने आया जब पाकिस्तान के वित्त मंत्री Muhammad Aurangzeb ने वाशिंगटन में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent से मुलाकात की। यह बैठक मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को हुई थी। वित्त मंत्री ने अमेरिका को बताया कि क्षेत्रीय तनाव और भू-राजनीतिक हालातों की वजह से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति नाजुक है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से कर्ज लेने और देश की क्रेडिट रेटिंग सुधारने के लिए अमेरिका से सहयोग मांगा।

इस मदद के लिए पाकिस्तान ने एक खास वित्तीय तंत्र का प्रस्ताव रखा है, जिसकी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
मांगी गई राशि 10 अरब डॉलर
सुविधा का नाम Bilateral Exchange Stabilisation Support Facility
समय सीमा (Maturity) 5 साल तक
प्रस्तावित माध्यम US Treasury का Exchange Stabilization Fund (ESF)
मुख्य उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाना और रुपये को स्थिर करना

बता दें कि इस तरह की मदद मिलना आसान नहीं होता क्योंकि इसके लिए अमेरिकी ट्रेजरी सचिव की मंजूरी के साथ-साथ राष्ट्रपति की अनुमति भी जरूरी होती है। इससे पहले अमेरिका ने 2002 में उरुग्वे और 2025 में अर्जेंटीना को ऐसी सुविधा दी थी। फिलहाल पाकिस्तान IMF के साथ 7 अरब डॉलर के प्रोग्राम पर काम कर रहा है, लेकिन वह अब बहुपक्षीय संस्थाओं पर अपनी निर्भरता कम करना चाहता है।

वाशिंगटन के राजनयिक सूत्रों का कहना है कि ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने और उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में दिलचस्पी दिखा रहा है, इसलिए इस मदद के मिलने की अच्छी संभावना है। हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अभी इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।