Pakistan में कोयला खदान में धमाका, 34 मजदूरों की मौत, बचाव कार्य जारी
World : पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहाँ के सोरंग इलाके में एक कोयला खदान में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें अब तक 34 मजदूरों की जान जा चुकी है। यह घटना गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को हुई, जिसके बाद से
World : पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बड़ा हादसा हुआ है। यहाँ के सोरंग इलाके में एक कोयला खदान में जोरदार धमाका हुआ, जिसमें अब तक 34 मजदूरों की जान जा चुकी है। यह घटना गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को हुई, जिसके बाद से ही इलाके में मातम पसरा हुआ है।
बलूचिस्तान की Provincial Disaster Management Authority (PDMA) ने पुष्टि की है कि अब तक 34 शव बरामद किए जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि खदान के अंदर अभी भी कुछ मजदूर फंसे हो सकते हैं, जिन्हें निकालने के लिए जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि, माइन इंस्पेक्टर Ghani Baloch ने बताया कि मीथेन गैस के धमाके के बाद ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, इसलिए जीवित बचे लोगों के मिलने की उम्मीद अब बहुत कम है।
इस हादसे के बाद बलूचिस्तान के Mines and Minerals मंत्री Shoaib Nosherwani ने दुख जताया है। सरकार ने घोषणा की है कि हर मृतक मजदूर के परिवार को 5 लाख पाकिस्तानी रुपये (लगभग 1,800 अमेरिकी डॉलर) की आर्थिक मदद दी जाएगी। मंत्री ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता चल सके कि धमाका क्यों हुआ और भविष्य में ऐसे हादसों को कैसे रोका जा सकता है।
दूसरी तरफ, Pakistan Central Mines Labour Federation ने इस घटना को लापरवाही का नतीजा बताया है। फेडरेशन ने सरकार से मांग की है कि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और उन कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई हो जो मजदूरों की जान जोखिम में डालती हैं। चीफ इंस्पेक्टर Muhammad Atif के मुताबिक, धमाके के वक्त खदान के अंदर कुल 36 मजदूर मौजूद थे।
बलूचिस्तान की खदानों में इस तरह के हादसे अक्सर होते रहते हैं। मजदूरों और लेबर ग्रुप्स का आरोप है कि यहाँ खदानों में वेंटिलेशन और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है, जिसकी वजह से बार-बार ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं।