Delhi: दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लेते हुए ‘ऑपरेशन साइहॉक 4.0’ को सफलतापूर्वक पूरा किया है. इस 48 घंटे के विशेष अभियान में पुलिस ने 660 से ज्यादा साइबर ठगों को गिरफ्तार
Delhi: दिल्ली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा एक्शन लेते हुए ‘ऑपरेशन साइहॉक 4.0’ को सफलतापूर्वक पूरा किया है. इस 48 घंटे के विशेष अभियान में पुलिस ने 660 से ज्यादा साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है और 8,371 संदिग्धों से पूछताछ की गई. इस पूरी कार्रवाई के दौरान 519 करोड़ रुपये से ज्यादा के बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है जो देशभर के साइबर अपराधी नेटवर्क के लिए एक तगड़ा झटका माना जा रहा है.
ऑपरेशन साइहॉक 4.0 की पूरी जानकारी
यह ऑपरेशन 6 अप्रैल 2026 की सुबह से शुरू होकर 8 अप्रैल की सुबह तक लगातार 48 घंटों तक चला. इस अभियान को गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के साथ मिलकर चलाया गया ताकि साइबर ठगी के खिलाफ तकनीक के जरिए प्रभावी कार्रवाई की जा सके. दिल्ली पुलिस ने इसे सक्रिय पुलिसिंग की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है जिसका मकसद संगठित साइबर अपराध की कमर तोड़ना है.
- इसमें दिल्ली पुलिस की 600 से अधिक टीमें और 5,000 के करीब पुलिसकर्मी तैनात थे.
- पूरे देश के 20 से ज्यादा राज्यों में एक साथ छापेमारी की कार्रवाई हुई.
- ऑपरेशन के दौरान 499 नई एफआईआर दर्ज की गई हैं.
- पुलिस ने 324 पुराने लंबित मामलों में भी बड़ी सफलता हासिल की है.
- म्यूल अकाउंट और अवैध कॉल सेंटर चलाने वालों को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया.
छापेमारी के आंकड़े और बड़ी गिरफ्तारियां
दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस ऑपरेशन में कई सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है जो मासूम लोगों को नौकरी, निवेश और तकनीकी सहायता के नाम पर लूट रहे थे. छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण जैसे मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं जिनका अब फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है. गिरफ्तार लोगों में दिल्ली की एक मशहूर भोजनालय श्रृंखला के मालिक का बेटा जावेद भी शामिल है जिसने कमीशन के बदले अपना बैंक खाता ठगी के पैसे मंगवाने के लिए दिया था.
| प्रमुख विवरण |
आंकड़े |
| कुल गिरफ्तारियां |
660 से अधिक |
| पूछताछ किए गए संदिग्ध |
8,371 |
| ठगी की कुल राशि |
519 करोड़ रुपये से अधिक |
| जारी किए गए नोटिस |
2,203 |
| शामिल राज्य |
20 से अधिक |
पुलिस की इस कार्रवाई से बैंकिंग और टेलीकॉम सेक्टर में बैठे उन एजेंटों पर भी शिकंजा कसा गया है जो फर्जी सिम और बैंक खाते खुलवाने में अपराधियों की मदद करते थे. रोहिणी इलाके में एक एनजीओ के नाम पर चल रहे म्यूल अकाउंट नेटवर्क का भी पता चला है जो 63 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़ा था. दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने कहा कि यह ऑपरेशन साइबर अपराधियों को एक कड़ा संदेश है कि पुलिस उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है.