UP के लखनऊ में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर मंथन, अनुराग ठाकुर और दिग्गज IAS-IPS अधिकारियों ने की बैठक
UP/Lucknow: देश में एक साथ चुनाव कराने यानी ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ (ONOE) के प्रस्ताव पर लखनऊ में एक बड़ी बैठक हुई। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने 13 से 15 जुलाई, 2026 तक उत्तर प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों और कई
UP/Lucknow: देश में एक साथ चुनाव कराने यानी ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ (ONOE) के प्रस्ताव पर लखनऊ में एक बड़ी बैठक हुई। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) ने 13 से 15 जुलाई, 2026 तक उत्तर प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों और कई विभागों के साथ चर्चा की। इस बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेपीसी सदस्य अनुराग ठाकुर भी शामिल रहे, जहाँ प्रशासनिक तैयारियों और कानूनी पहलुओं पर विचार किया गया।
सोमवार, 13 जुलाई को समिति ने यूपी के मुख्य सचिव, डीजीपी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ अनौपचारिक बातचीत की। इस दौरान संजय प्रसाद और अमृत अभिजात जैसे वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारी मौजूद थे। बैठक में वित्त, गृह, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और श्रम विभागों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र यह था कि अगर पूरे देश में एक साथ चुनाव होते हैं, तो सुरक्षा बलों की तैनाती, ईवीएम और वीवीपैट का प्रबंधन और मतदान केंद्रों की व्यवस्था कैसे की जाएगी।
जेपीसी के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने बताया कि इस प्रस्ताव को देशभर में काफी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि लोग चाहते हैं कि एक ही चुनाव चक्र हो ताकि बार-बार होने वाले चुनावों से जो काम रुकते हैं या बाधा आती है, उससे बचा जा सके। वहीं, अनुराग ठाकुर ने कहा कि समिति सभी राजनीतिक दलों और सरकारी अधिकारियों से सुझाव ले रही है और इन सबको शामिल करने के बाद ही रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
यह पूरी प्रक्रिया ‘संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024’ और ‘केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024’ की जांच के तहत की जा रही है। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अनिल देसाई ने भी पुष्टि की कि समिति सभी अलग-अलग दृष्टिकोणों को समझने की कोशिश कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसे लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 83 और 172 में बदलाव करने होंगे, क्योंकि राज्य विधानसभाओं और संसद के कार्यकाल से जुड़े कई कानूनी सवाल हैं। जेपीसी अपनी फाइनल रिपोर्ट 17 जुलाई, 2026 को होने वाली बैठक में पेश कर सकती है।