Oman में अब ई-इनवॉइसिंग होगी जरूरी, VAT रजिस्टर्ड बिजनेस के लिए बदले नियम, जानिए पूरी समयसीमा
Finance: ओमान सरकार टैक्स चोरी रोकने और डिजिटल सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए ई-इनवॉइसिंग (e-invoicing) अनिवार्य करने जा रही है। अब वहां के सभी VAT रजिस्टर्ड बिजनेस को डिजिटल बिल बनाने होंगे। यह पूरा सिस्टम ‘Fawtara&
Finance: ओमान सरकार टैक्स चोरी रोकने और डिजिटल सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए ई-इनवॉइसिंग (e-invoicing) अनिवार्य करने जा रही है। अब वहां के सभी VAT रजिस्टर्ड बिजनेस को डिजिटल बिल बनाने होंगे। यह पूरा सिस्टम ‘Fawtara’ नाम से लागू किया जा रहा है, जिससे टैक्स जमा करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और कागजी कार्रवाई कम होगी।
ओमान टैक्स अथॉरिटी (OTA) ने इसके लिए फैसला नंबर 189/2026 जारी किया है। इस नए नियम के तहत अब साधारण कागज वाले बिल, ईमेल से भेजे गए PDF या डिजिटल फोटो को वैध टैक्स इनवॉइस नहीं माना जाएगा। बिजनेस को अब मान्यता प्राप्त सर्विस प्रोवाइडर्स के जरिए XML या PDF/A-3 फॉर्मेट में ही बिल जारी करने होंगे।
इस बदलाव को दो चरणों में लागू किया जाएगा ताकि कारोबारियों को तैयारी का समय मिल सके:
| चरण (Phase) | कौन से बिजनेस शामिल हैं | लागू होने की तारीख |
|---|---|---|
| पहला चरण | 5 मिलियन OMR से ज्यादा सालाना टर्नओवर वाले बिजनेस | 1 अप्रैल, 2027 |
| दूसरा चरण | छोटे बिजनेस और बाकी सभी VAT रजिस्टर्ड एंटिटी | 1 अक्टूबर, 2027 |
| B2G ट्रांजैक्शन | बिजनेस टू गवर्नमेंट लेनदेन | फरवरी या अगस्त 2028 |
टैक्स अथॉरिटी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर इदरीस बिन हमूद अल रशदी ने बताया कि इस कदम से टैक्स सिस्टम मजबूत होगा और व्यापारिक लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी। नियम के मुताबिक, B2B ट्रांजैक्शन के लिए ई-इनवॉइस तुरंत भेजना होगा, जबकि B2C के लिए 24 घंटे का समय मिलेगा। साथ ही, आम ग्राहकों (B2C) के लिए बिल पर QR कोड होना अनिवार्य होगा।
डेटा को सुरक्षित रखने के लिए इन डिजिटल बिलों को 10 साल तक स्टोर करना होगा, जिसमें 5 साल सिस्टम में और 5 साल इलेक्ट्रॉनिक आर्काइव में रखने का नियम है। रियल एस्टेट से जुड़े बिलों को 15 साल तक संभालकर रखना होगा। अगस्त 2026 से ही 100 बड़े टैक्सपेयर्स के साथ इसका पायलट ट्रायल शुरू किया जा चुका है।