Odisha: जगन्नाथ रथ यात्रा में भीड़ के कारण हादसा, 2 भक्तों की मौत, 100 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती
Odisha: पुरी में आयोजित वार्षिक जगन्नाथ रथ यात्रा के पहले दिन भीड़ का दबाव बढ़ने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में कम से कम दो भक्तों की जान चली गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया
Odisha: पुरी में आयोजित वार्षिक जगन्नाथ रथ यात्रा के पहले दिन भीड़ का दबाव बढ़ने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में कम से कम दो भक्तों की जान चली गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं के बीच अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई।
यह हादसा गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1 बजे बड़ा डांडा (ग्रैंड रोड) पर मरीचिकोट स्क्वायर के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब भगवान की पाहंडी प्रक्रिया पूरी हुई, तब भक्तों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हुई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। मरने वालों में 35 वर्षीय अनिल दास शामिल हैं, जिनकी सांस लेने में दिक्कत के कारण मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी सौमेंद्र प्रियदर्शी ने बताया कि एक व्यक्ति की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।
घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट हैं, जिनमें 150 से 200 लोग शामिल बताए जा रहे हैं। घायलों को हड्डियों में फ्रैक्चर, सांस लेने में तकलीफ और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद फायर सर्विस और इमरजेंसी टीमों ने करीब 100 लोगों को बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार और ऑक्सीजन दिया।
ओडिशा सरकार ने एक प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि रथ यात्रा शांतिपूर्वक संपन्न हुई और उन्होंने भगदड़ की बात से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि भारी भीड़ और लगातार हो रही बारिश की वजह से लोग थकान और घुटन का शिकार हुए। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस घटना पर दुख जताया और सरकार से भीड़ प्रबंधन को और बेहतर करने की मांग की।
इस हादसे के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को खींचने का काम बीच में ही रोक दिया गया। अब यह प्रक्रिया शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को फिर से शुरू होगी। बता दें कि पिछले साल 2025 में भी इसी तरह के हादसे में तीन लोगों की जान गई थी। इस पूरे आयोजन में प्रशासन के साथ ABVP के 1,200 छात्र स्वयंसेवक भी मदद कर रहे थे।