Odisha: बिहार से ओडिशा के अलग-अलग शहरों में मदरसा में दाखिले के नाम पर नाबालिग बच्चों को लाया जा रहा है। हाल ही में जाजपुर में ट्रेन से 13 बच्चों को बचाया गया। इससे पहले कटक और भद्रक में भी बड़ी संख्या में बच्चों को रेस्
Odisha: बिहार से ओडिशा के अलग-अलग शहरों में मदरसा में दाखिले के नाम पर नाबालिग बच्चों को लाया जा रहा है। हाल ही में जाजपुर में ट्रेन से 13 बच्चों को बचाया गया। इससे पहले कटक और भद्रक में भी बड़ी संख्या में बच्चों को रेस्क्यू किया गया है। प्रशासन अब इन मामलों की गहराई से जांच कर रहा है।
बच्चों को कैसे और कहां से लाया जा रहा था?
RPF और पुलिस की टीम ने अलग-अलग स्टेशनों पर छापेमारी कर बच्चों को बचाया है। जाजपुर में 22 अप्रैल 2026 को 13 बच्चों को ट्रेन से उतारा गया। इससे पहले 21 अप्रैल को भद्रक स्टेशन पर जनशताब्दी एक्सप्रेस से 12 लड़कों को बचाया गया। ये सभी बच्चे बिहार से जाजपुर के एक मदरसे में जाने का दावा कर रहे थे।
पिछले कुछ दिनों में हुई बड़ी कार्रवाई की लिस्ट
| तारीख |
जगह |
बचाए गए बच्चे |
कहाँ से लाए जा रहे थे |
| 16 अप्रैल 2026 |
कटक |
59 |
अररिया, बिहार |
| 19 अप्रैल 2026 |
ब्रह्मपुर |
34 |
बिहार और पश्चिम बंगाल |
| 12 अप्रैल 2026 |
कटनी जंक्शन |
167 |
अररिया, बिहार |
| 11 अप्रैल 2026 |
कटक |
12 |
अररिया, बिहार |
| 1 अप्रैल 2026 |
कटक |
14 |
किशनगंज, बिहार |
रेस्क्यू में कौन सी संस्थाएं जुड़ी हैं और क्या है नियम?
इस पूरे अभियान में RPF ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ चला रही है। बच्चों को बचाने के बाद Childline उन्हें शुरुआती देखभाल देती है और फिर बाल कल्याण समिति (CWC) को सौंप दिया जाता है। CWC बच्चों के पुनर्वास और उनके माता-पिता के सत्यापन का काम करती है। कुछ मामलों में माता-पिता ने सहमति पत्र और आधार कार्ड होने की बात कही है, जिस कारण प्रशासन तस्करी और शिक्षा के बीच के अंतर की जांच कर रहा है।