Maharashtra में Duronto Express के अंदर नर्स ने चाकू और धागे से कराया प्रसव, सुरक्षित पैदा हुई बच्ची
Maharashtra: नागपुर से मुंबई जा रही Duronto Express में एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। ट्रेन जब जलगांव जिले के भुसावल के पास पहुंची थी, तब करीब रात 2 बजे यह घटना हुई। ट्रेन में मौजूद एक नर्स ने अपनी सूझबूझ से बिना किसी
Maharashtra: नागपुर से मुंबई जा रही Duronto Express में एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। ट्रेन जब जलगांव जिले के भुसावल के पास पहुंची थी, तब करीब रात 2 बजे यह घटना हुई। ट्रेन में मौजूद एक नर्स ने अपनी सूझबूझ से बिना किसी मेडिकल किट के बच्ची की सुरक्षित डिलीवरी कराई।
36 साल की अंजुम बानो वसीम अख्तर अपनी दो बेटियों के साथ सफर कर रही थीं, तभी उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई। यात्रियों ने मदद के लिए रेलवे हेल्पलाइन 139 पर फोन किया, लेकिन वहां से जवाब मिला कि मदद अगले स्टेशन पर ही मिल पाएगी। ऐसे में बॉम्बे हॉस्पिटल की 27 वर्षीय स्टाफ नर्स मीनू भाईसारे ने मोर्चा संभाला। उनके पास न तो दस्ताने थे और न ही कोई स्टेरलाइज्ड ब्लेड, इसलिए उन्होंने चाकू और धागे का इस्तेमाल करके डिलीवरी कराई और एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
रेलवे की मेडिकल इमरजेंसी व्यवस्था और इस घटना से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| घटना की जगह | Duronto Express (भुसावल, महाराष्ट्र) |
| मदद करने वाली नर्स | मीनू भाईसारे (बॉम्बे हॉस्पिटल) |
| मां का नाम | अंजुम बानो वसीम अख्तर |
| रेलवे हेल्पलाइन | 139 (अगले स्टेशन पर मदद का वादा किया) |
| उपयोग की गई चीजें | चाकू और धागा |
| रेलवे का पक्ष | स्टाफ मानवीय मदद करता है, लेकिन एडवांस मेडिकल किट रखना पॉलिसी का फैसला है |
रेलवे के नियमों के मुताबिक, हेल्पलाइन 139 पर कॉल करने के बाद कंट्रोल रूम स्टेशन मास्टर और ट्रेन क्रू को सूचित करता है ताकि अगले स्टेशन पर एम्बुलेंस और डॉक्टर तैयार रहें। ट्रेन क्रू के पास बेसिक फर्स्ट एड किट होती है, जिसमें पट्टियां और एंटीसेप्टिक घोल जैसी चीजें होती हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि उनका मुख्य काम परिवहन है और ट्रेनों में अधिक एडवांस मेडिकल सामान रखना एक पॉलिसी का निर्णय होता है।