Bihar: नुना नदी के किनारे कटाव की समस्या से जूझ रहे इलाकों में बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। छप्पनिया-बच्चा खाड़ी के पास नदी के तट को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। प्रशासन ने तटबंध को मजबूती देने के लिए करीब
Bihar: नुना नदी के किनारे कटाव की समस्या से जूझ रहे इलाकों में बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। छप्पनिया-बच्चा खाड़ी के पास नदी के तट को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। प्रशासन ने तटबंध को मजबूती देने के लिए करीब 800 मीटर के क्षेत्र में बोरा पेलिंग का काम शुरू किया है ताकि रिहाइशी इलाकों को कटाव से बचाया जा सके।
कटाव रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं
नदी के किनारे मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए विशेष रूप से छप्पनिया और बच्चा खाड़ी वाले क्षेत्र पर ध्यान दिया गया है। यहाँ 800 मीटर के दायरे में बोरे डालकर सुरक्षा दीवार जैसी संरचना तैयार की जा रही है। यह काम इसलिए जरूरी है क्योंकि नदी का बहाव किनारे की जमीन को तेजी से काट रहा था जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल था।
नदी कटाव से स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ता है
नदी किनारे बसे गांवों में कटाव की वजह से अक्सर खेती की जमीन और मकानों पर खतरा मंडराता रहता है। जब नदी का किनारा कटता है तो आसपास की बस्तियों के डूबने का डर रहता है। इसी खतरे को देखते हुए विभाग द्वारा बोरा पेलिंग और अन्य नियंत्रण कार्यों को प्राथमिकता दी गई है ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नुना नदी के किस क्षेत्र में कटाव रोकने का काम चल रहा है
नुना नदी के छप्पनिया-बच्चा खाड़ी क्षेत्र में कटाव रोकने का काम चल रहा है, जहाँ लगभग 800 मीटर के दायरे में बोरा पेलिंग की जा रही है।