Bengaluru और Mumbai में रहना हुआ महंगा, NRI को लगा झटका; 60 हजार की जगह अब चाहिए 3.5 लाख रुपये महीना

Finance: विदेश में रहने वाले भारतीयों (NRIs) के लिए भारत वापस आना अब पहले जैसा सस्ता नहीं रहा। हाल ही में न्यूज़ीलैंड में रहने वाले एक व्यक्ति ने जब बेंगलुरु और मुंबई जैसे बड़े शहरों में रहने का खर्च जोड़ा, तो वह दंग रह

Finance: विदेश में रहने वाले भारतीयों (NRIs) के लिए भारत वापस आना अब पहले जैसा सस्ता नहीं रहा। हाल ही में न्यूज़ीलैंड में रहने वाले एक व्यक्ति ने जब बेंगलुरु और मुंबई जैसे बड़े शहरों में रहने का खर्च जोड़ा, तो वह दंग रह गया। उसे लगा था कि 60 हजार रुपये में उसका परिवार आराम से रह लेगा, लेकिन असलियत इससे कहीं ज्यादा महंगी निकली।

एक Financial Advisor ने बताया कि आज के समय में बेंगलुरु, मुंबई या गुड़गांव जैसे शहरों में चार लोगों के परिवार को अच्छी लाइफस्टाइल के लिए हर महीने 2.5 लाख से 3.5 लाख रुपये की जरूरत होती है। वह NRI व्यक्ति यह मानकर चल रहा था कि उसके दो बच्चों की पढ़ाई का खर्च महीने के 10 हजार रुपये में निकल जाएगा, लेकिन असल आंकड़े देखकर उसने अपने भारत लौटने के फैसले पर दोबारा सोचने का मन बना लिया है।

फाइनेंशियल एक्सपर्ट के मुताबिक, जो लोग सालों पहले भारत छोड़कर गए थे, उनके दिमाग में पुराने खर्चे बसे हुए हैं। आज के दौर में मेट्रो शहरों में महंगाई बहुत बढ़ गई है। एक मध्यमवर्गीय परिवार के मासिक खर्चों का ब्यौरा कुछ इस तरह है:

खर्च का मद अनुमानित मासिक लागत (रुपये में)
3BHK घर का किराया (अच्छे इलाके में) 60,000 – 1,20,000
बच्चों की स्कूल फीस (प्रति बच्चा) 25,000 – 50,000
राशन और बिजली-पानी का बिल 30,000 – 45,000
गाड़ी का तेल और मेंटेनेंस 15,000 – 25,000
हेल्थ इंश्योरेंस और घरेलू सहायक 20,000 – 35,000
बाहर घूमना और मनोरंजन 15,000 – 30,000

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि जो NRIs वापस आने की योजना बना रहे हैं, वे केवल पुरानी यादों पर भरोसा न करें। वे अपने उन दोस्तों या रिश्तेदारों से बात करें जो अभी उन शहरों में रह रहे हैं। साथ ही, अपने रिटायरमेंट फंड का हिसाब भी दोबारा लगाएं, क्योंकि महंगाई की वजह से 2-3 करोड़ रुपये का फंड अब 30 साल के बजाय केवल 12-15 साल ही चल पाएगा।