Mumbai में 10 साल की उम्र में छोड़ा गया Norwegian बच्चा, Dharavi के लोगों ने बचाई जान और बनाया जीवन

Maharashtra: मुंबई की सड़कों और धारावी की झुग्गियों में एक विदेशी बच्चे ने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल साल गुजारे। Lasse Lund नाम का यह बच्चा जब सिर्फ 10 साल का था, तब उसे भारत में अकेला छोड़ दिया गया था। अब 33 साल के La

Maharashtra: मुंबई की सड़कों और धारावी की झुग्गियों में एक विदेशी बच्चे ने अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल साल गुजारे। Lasse Lund नाम का यह बच्चा जब सिर्फ 10 साल का था, तब उसे भारत में अकेला छोड़ दिया गया था। अब 33 साल के Lasse ने अपनी आपबीती साझा की है कि कैसे मुंबई के अनजान लोगों की मदद से वह जीवित रहा और आगे बढ़ा।

Lasse Lund के पिता Norwegian थे और मां Finnish। एक पारिवारिक यात्रा के दौरान उसके पिता वापस नॉर्वे चले गए और मां वीजा ओवरस्टे के कारण जेल चली गईं। इस वजह से Lasse मुंबई में बिल्कुल अकेला रह गया। उसने अपना गुजारा करने के लिए मंदिरों, मस्जिदों और फुटपाथों पर शरण ली। वह पर्यटकों को रास्ता दिखाने का काम (informal tourist guide) करने लगा ताकि पेट भर सके।

Lasse का कहना है कि मुंबई के लोगों, खासकर धारावी के गरीब निवासियों ने उसकी बहुत मदद की। उन्होंने उसे खाना और कपड़े दिए, जिससे वह मानव तस्करी (trafficking) जैसे खतरों से बच पाया। करीब 22 साल भारत में बिताने के बाद, Finnish Embassy की मदद से वह 18 साल की उम्र से पहले यूरोप वापस गया।

यूरोप लौटने के बाद Lasse को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उसने बताया कि नॉर्वे और फिनलैंड की सरकारों ने उसे दोबारा बसाने में कोई खास मदद नहीं की। शिक्षा और संसाधनों की कमी के कारण उसे काफी संघर्ष करना पड़ा। अब Lasse अपने YouTube चैनल ‘Unexpected Paths’ और Instagram के जरिए अपनी कहानी दुनिया को बता रहा है। सोशल मीडिया पर लोग उसके माता-पिता के खिलाफ कार्रवाई और सरकारों से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।