Norway में प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए AI टूल्स पर लगेगा बैन, किताबों से बढ़ेगी पढ़ाई

World : नॉर्वे सरकार ने छोटे बच्चों की पढ़ाई को बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अगस्त 2026 से प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले 6 से 13 साल के बच्चों के लिए Generative AI टूल्स के इस्तेमाल पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी जाए

World : नॉर्वे सरकार ने छोटे बच्चों की पढ़ाई को बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अगस्त 2026 से प्राइमरी स्कूल में पढ़ने वाले 6 से 13 साल के बच्चों के लिए Generative AI टूल्स के इस्तेमाल पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी। सरकार का मानना है कि एआई के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों की बुनियादी सीखने की क्षमता कम हो सकती है।

प्रधानमंत्री Jonas Gahr Støre ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को इस नियम की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्कूलों का सबसे मुख्य काम बच्चों को पढ़ना, लिखना और गणित सिखाना है। अगर बच्चे छोटी उम्र में ही एआई का सहारा लेंगे, तो वे शिक्षा के जरूरी पड़ावों को छोड़ सकते हैं। शिक्षा मंत्री Kari Nessa Nordtun ने भी कहा कि छोटे बच्चों में इतनी क्रिटिकल थिंकिंग नहीं होती कि वे एआई का सही इस्तेमाल कर सकें।

सरकार ने अलग-अलग उम्र के छात्रों के लिए अलग नियम तय किए हैं। 6 से 13 साल के बच्चों (ग्रेड 1-7) के लिए क्लास में एआई का इस्तेमाल लगभग बंद रहेगा। 14 से 16 साल के छात्र (ग्रेड 8-10) केवल टीचर की देखरेख में ही इन टूल्स का उपयोग कर पाएंगे। वहीं 17 से 19 साल के छात्रों को एआई सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वे भविष्य की नौकरी और पढ़ाई के लिए तैयार हो सकें।

इस फैसले के साथ ही सरकार अब क्लासरूम में फिर से फिजिकल किताबों को बढ़ावा देगी। पहले टैबलेट और डिजिटल डिवाइस का चलन बढ़ा था, लेकिन अब सरकार किताबों के लिए अलग से फंड देगी। नॉर्वे ने इससे पहले 2024 में स्कूलों में स्मार्टफोन पर बैन लगाया था और अब 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर भी पाबंदी लगाने की तैयारी है, जिसका बिल 2026 के अंत तक आने की उम्मीद है।