Bihar के उत्तर बिहार में बाढ़ का खतरा, सीतामढ़ी और बैरगनिया समेत कई जिलों में हाई अलर्ट

Bihar: नेपाल और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में हो रही भारी बारिश ने उत्तर बिहार में बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। सीतामढ़ी और बैरगनिया जैसे क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौ

Bihar: नेपाल और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में हो रही भारी बारिश ने उत्तर बिहार में बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है। सीतामढ़ी और बैरगनिया जैसे क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तिरहुत प्रमंडल के सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

तिरहुत प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने आपातकालीन बैठक बुलाकर सभी छह जिलों के DM को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने का आदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि भले ही बिहार के मैदानी इलाकों में बारिश कम हुई हो, लेकिन नेपाल के पहाड़ों में मूसलाधार बारिश से नदियों में अचानक पानी आ सकता है। इसके लिए NDRF और SDRF की टीमें, नावें और राहत सामग्री तैयार रखी गई है ताकि निचले इलाकों से लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाला जा सके।

उपमुख्यमंत्री और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि कटाव रोधी काम एक हफ्ते के भीतर पूरे किए जाएं। वर्तमान में बूढ़ी गंडक, गंडक, बागमती और लखनदेई जैसी प्रमुख नदियाँ उफान पर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही इस साल कुल बारिश कम रहने का अनुमान हो, लेकिन अचानक आने वाले तीव्र तूफान फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का कारण बन सकते हैं।

बिहार के 38 में से 28 जिले बाढ़ प्रभावित रहते हैं, जिनमें से 21 जिले उत्तरी बिहार में हैं। सरकार ने लोगों की मदद के लिए 24 घंटे चलने वाला बाढ़ राहत केंद्र टोल-फ्री नंबर 18003456145 और मोबाइल नंबर 7463889706, 7463889707 जारी किया है। जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की मजबूती और जल निकासी के लिए 447.36 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए इंजीनियरों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।