UP : नोएडा के इंडस्ट्रियल सेक्टर में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों ने जमकर हंगामा किया। यह विरोध प्रदर्शन हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी के फैसले के बाद शुरू हुआ। देखते ही देखते यह प्रदर्शन हि
UP : नोएडा के इंडस्ट्रियल सेक्टर में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मजदूरों ने जमकर हंगामा किया। यह विरोध प्रदर्शन हरियाणा सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन में 35% की बढ़ोतरी के फैसले के बाद शुरू हुआ। देखते ही देखते यह प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें पत्थरबाजी हुई और पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मजदूरों की क्या हैं मांगें और क्या है नया वेतन नियम
नोएडा के ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्सटाइल सेक्टर के हजारों मजदूर कम वेतन से नाराज हैं। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- हर महीने कम से कम 20,000 रुपये न्यूनतम वेतन मिले।
- ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान किया जाए।
- काम करने की स्थितियों में सुधार हो।
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी 1 अप्रैल 2026 से नया वेतन लागू किया है, जिसके तहत नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र में अकुशल मजदूरों को 13,690 रुपये, अर्ध-कुशल को 15,059 रुपये और कुशल मजदूरों को 16,868 रुपये महीना मिलेगा।
कैसे हुई विरोध प्रदर्शन की प्लानिंग और पुलिस की कार्रवाई
गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर Laxmi Singh ने बताया कि इस पूरे हंगामे के पीछे एक संगठित सिंडिकेट काम कर रहा है। मजदूरों को जोड़ने के लिए QR कोड का इस्तेमाल किया गया और WhatsApp ग्रुप बनाए गए ताकि रातों-रात भीड़ जुटाई जा सके। पुलिस अब इस साजिश के पीछे की फंडिंग की जांच कर रही है।
| विवरण |
जानकारी |
| कुल गिरफ्तारियां |
300 से ज्यादा लोग |
| दर्ज FIR |
7 मामले |
| मुख्य क्षेत्र |
नोएडा फेज-2 |
| जांच का विषय |
WhatsApp ग्रुप और फंडिंग |
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार मजदूरों के हितों की रक्षा करेगी, लेकिन हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए एक सरकारी कमेटी बनाई गई है जो मजदूरों की समस्याओं को सुलझाने के लिए बातचीत कर रही है।