UP : नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर प्रदर्शन के दौरान लोगों को उकसाने और
UP : नोएडा में मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा नाम के दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर प्रदर्शन के दौरान लोगों को उकसाने और हिंसा फैलाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि ये लोग इस पूरे बवाल के मास्टरमाइंड आदित्य आनंद के संपर्क में थे।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या है मामला
पुलिस के मुताबिक हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा ‘बिगुल मजदूर दस्ता’ नाम के संगठन के सक्रिय सदस्य हैं। इन्हें 19 अप्रैल को हिरासत में लिया गया था और 20 अप्रैल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि ये दोनों आदित्य आनंद के साथ मिलकर हिंसा की योजना बना रहे थे। आदित्य आनंद को पहले ही तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ और सरकार ने क्या कदम उठाए
13 अप्रैल को नोएडा में मजदूरों ने ज्यादा वेतन और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था, जो बाद में हिंसक हो गया। इस मामले में अब तक 350 से ज्यादा लोगों को पकड़ा गया है और 7 FIR दर्ज हुई हैं। सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं:
| तारीख |
मुख्य कार्रवाई/फैसला |
| 13 अप्रैल |
हाई लेवल कमेटी का गठन, साप्ताहिक छुट्टी और ओवरटाइम का वादा |
| 14 अप्रैल |
न्यूनतम वेतन में 21% की अंतरिम बढ़ोतरी मंजूर |
| 17 अप्रैल |
203 कॉन्ट्रैक्टर्स के लाइसेंस रद्द, 1.16 करोड़ का जुर्माना |
| 18 अप्रैल |
मास्टरमाइंड आदित्य आनंद की तमिलनाडु से गिरफ्तारी |
आगे की क्या योजना थी और अब क्या स्थिति है
UP Special Task Force (UPSTF) ने खुलासा किया है कि हिंसा भड़काने वाले समूहों ने इस आंदोलन को कई चरणों में चलाने की योजना बनाई थी। उनका मकसद मई महीने तक प्रदर्शन जारी रखना था। वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली में कुछ एक्टिविस्ट्स और वकीलों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन गिरफ्तारियों को गलत और गैरकानूनी बताया है। पुलिस अब इस मामले में बाहरी ताकतों और सोशल मीडिया के जरिए फैलाई गई गलत जानकारियों की भी जांच कर रही है।