UP: नोएडा में कम वेतन और कंपनियों की मनमानी के खिलाफ मजदूरों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। 13 अप्रैल 2026 को यह विरोध हिंसा में बदल गया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा। मजदूर लंबे
UP: नोएडा में कम वेतन और कंपनियों की मनमानी के खिलाफ मजदूरों ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। 13 अप्रैल 2026 को यह विरोध हिंसा में बदल गया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा। मजदूर लंबे समय से अपनी तनख्वाह बढ़ाने और काम की बेहतर स्थितियों की मांग कर रहे थे।
मजदूरों की मुख्य मांगें क्या हैं?
नोएडा के मजदूर महंगाई के कारण अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- अकुशल मजदूरों के लिए न्यूनतम मासिक वेतन 20,000 रुपये से 26,000 रुपये के बीच हो।
- ठेकेदारों के बजाय सीधे कंपनी से भर्ती की जाए ताकि बीच में पैसे न कटें।
- ओवरटाइम के लिए डबल पेमेंट और पिछले साल के बकाया बोनस का भुगतान हो।
- किराया बढ़ने के कारण House Rent Allowance (HRA) में बड़ी बढ़ोतरी की जाए।
- काम की जगह पर शोषण रोकने के लिए Internal Complaints Committee बनाई जाए।
वेतन को लेकर नाराजगी की असली वजह क्या है?
मजदूरों का कहना है कि पिछले कई सालों से उनकी सैलरी नहीं बढ़ी है। कुछ लोगों की तनख्वाह पिछले 10 साल से 10,500 रुपये पर ही रुकी हुई है। महंगाई बढ़ने से LPG सिलेंडर जैसे जरूरी सामान महंगे हो गए हैं, जिससे घर चलाना मुश्किल हो गया है। साथ ही, नोएडा में वेतन दिल्ली और हरियाणा के मुकाबले काफी कम है। डेटा के मुताबिक, 2025 तक करीब 58.2% मजदूरों के पास लिखित कॉन्ट्रैक्ट नहीं था और 51.7% को सोशल सिक्योरिटी का लाभ नहीं मिल रहा था।
UP सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
विरोध को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ जरूरी फैसले लिए हैं:
| कदम |
विवरण |
| वेतन में बढ़ोतरी |
अकुशल मजदूरों की सैलरी 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये की गई (21% वृद्धि)। |
| हाई-लेवल कमेटी |
औद्योगिक विवादों को सुलझाने और जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई। |
| भविष्य की योजना |
स्वास्थ्य, पेंशन और बच्चों की शिक्षा के लिए नए कल्याणकारी उपायों पर विचार चल रहा है। |
| वेज बोर्ड |
न्यूनतम वेतन तय करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए जल्द ही एक Wage Board बनाया जाएगा। |
सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही 20,000 रुपये न्यूनतम वेतन की खबरों को गलत बताया है। पुलिस ने हिंसा करने वालों और गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।