UP : नोएडा में पिछले दिनों मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने पूर्व पत्रकार Satyam Verma और स्टूडेंट एक्टिविस्ट Aakriti Choudhary के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्ष
UP : नोएडा में पिछले दिनों मजदूरों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने पूर्व पत्रकार Satyam Verma और स्टूडेंट एक्टिविस्ट Aakriti Choudhary के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लागू कर दिया है। पुलिस का आरोप है कि इन दोनों ने हिंसा भड़काने और माहौल खराब करने में बड़ी भूमिका निभाई थी।
NSA लगाने के पीछे पुलिस का क्या तर्क है?
गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि Satyam Verma और Aakriti Choudhary ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ के सदस्य हैं। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों ने प्रदर्शन के दौरान लोगों को उकसाया जिससे आगजनी और अराजकता फैली। पुलिस ने इस दावे के लिए CCTV फुटेज, सोशल मीडिया एक्टिविटी और इंटेलिजेंस इनपुट को सबूत के तौर पर पेश किया है।
वकीलों और परिजनों ने क्या कहा?
आरोपियों के वकील Choudhary Ali Zia Kabir का कहना है कि पुलिस ने अब तक अदालत में NSA लगाने का कोई ठोस दस्तावेज जमा नहीं किया है। उनका दावा है कि जब जमानत की सुनवाई के दौरान पुलिस कमजोर पड़ गई, तब आरोपियों को लंबे समय तक जेल में रखने के लिए NSA का सहारा लिया गया। वहीं, Aakriti Choudhary के वकील Rajnish Yadav ने कहा कि उनके घर से मिली एक किताब को वामपंथी विचारधारा का सबूत बताया जा रहा है, जो कि सही नहीं है।
मामले की टाइमलाइन और कानूनी स्थिति
यह पूरा विवाद 10 अप्रैल 2026 को ज्यादा वेतन की मांग को लेकर शुरू हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। 13 अप्रैल को यह प्रदर्शन हिंसक हो गया था। Aakriti को हिंसा से दो दिन पहले ही 11 अप्रैल को Botanical Garden मेट्रो स्टेशन से हिरासत में ले लिया गया था, जबकि Satyam को 17 अप्रैल को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। अब उनके वकील इस मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NSA कानून क्या है और इसमें क्या प्रावधान हैं?
NSA एक प्रिवेंटिव डिटेंशन कानून है जिसके तहत सरकार किसी व्यक्ति को बिना औपचारिक आरोप या ट्रायल के 12 महीने तक हिरासत में रख सकती है। इसमें गिरफ्तार व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तारी का कारण बताना जरूरी नहीं होता और जमानत मिलना भी मुश्किल होता है।
Aakriti Choudhary की गिरफ्तारी पर विवाद क्यों है?
विवाद इसलिए है क्योंकि नोएडा में हिंसा 13 अप्रैल 2026 को हुई थी, जबकि Aakriti को 11 अप्रैल को ही हिरासत में ले लिया गया था। उनके परिवार का कहना है कि हिंसा से पहले ही गिरफ्तारी होने पर उन पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाना गलत है।