UP: नोएडा और आसपास के औद्योगिक इलाकों में फैक्ट्री मजदूरों ने वेतन बढ़ाने और लेबर कोड के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंसा हुई जिसमें गाड़ियों में आग लगाई गई और पत्थरबाजी की गई। मजदूरों का कहना है कि महंगाई के
UP: नोएडा और आसपास के औद्योगिक इलाकों में फैक्ट्री मजदूरों ने वेतन बढ़ाने और लेबर कोड के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंसा हुई जिसमें गाड़ियों में आग लगाई गई और पत्थरबाजी की गई। मजदूरों का कहना है कि महंगाई के दौर में मौजूदा वेतन से घर चलाना मुश्किल है, जबकि सरकार और पुलिस इस तनाव को रोकने में जुटे हैं।
न्यूनतम वेतन में कितनी हुई बढ़ोतरी?
हिंसा और विरोध को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में न्यूनतम वेतन बढ़ाया है। यह नया रेट 1 अप्रैल 2026 से लागू माना जाएगा। वहीं हरियाणा सरकार ने भी 9 अप्रैल को वेतन में 35% की बढ़ोतरी की घोषणा की थी।
| श्रेणी (Category) |
पुराना वेतन (₹) |
नया वेतन (₹) |
| अकुशल (Unskilled) |
11,313 |
13,690 |
| अर्ध-कुशल (Semi-skilled) |
12,445 |
15,059 |
| कुशल (Skilled) |
13,940 |
16,868 |
लेबर कोड और मजदूरों का विरोध क्यों हो रहा है?
मजदूर संगठन और विपक्षी दल केंद्र सरकार के चार नए Labour Codes का विरोध कर रहे हैं। CITU और अन्य यूनियनों का कहना है कि ये नियम कंपनियों को फायदा पहुँचाते हैं और मजदूरों के अधिकारों को कम करते हैं। उनका आरोप है कि इससे कंपनियों के लिए कर्मचारियों को निकालना आसान हो जाएगा और काम के घंटे बढ़ जाएंगे।
पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया क्या है?
नोएडा में हिंसा के बाद 300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। CITU के जिला नेताओं को नजरबंद किया गया है, जिसे यूनियन ने सरकार की घबराहट बताया है। राहुल गांधी ने इसे मजदूरों की आखिरी पुकार कहा है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से उकसावे में न आने की अपील की है। यूपी के श्रम मंत्री ने इस हिंसा के पीछे बाहरी साजिश की आशंका भी जताई है।