UP : नोएडा के सेक्टर 94 में स्थित Supertech के Supernova प्रोजेक्ट में घर खरीदने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर आई है। लंबे समय से रुके हुए इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई Empowered Committe
UP : नोएडा के सेक्टर 94 में स्थित Supertech के Supernova प्रोजेक्ट में घर खरीदने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर आई है। लंबे समय से रुके हुए इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई Empowered Committee ने PwC को ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त किया है। अब खरीदारों को उम्मीद है कि उनका सपना और रिटायरमेंट प्लान आखिरकार पूरा हो पाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए क्या कदम उठाए
सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2025 में संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए इस प्रोजेक्ट को पूरा कराने का आदेश दिया था। कोर्ट ने एक तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है, जिसमें जस्टिस एम. एम. कुमार, डॉ. अनूप कुमार मित्तल और राजीव मेहरोत्रा शामिल हैं। यह कमेटी अब Supertech Realtors Pvt Ltd के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की तरह काम करेगी और पूरे मैनेजमेंट को संभालेगी।
खरीदारों के लिए ‘जीरो पीरियड’ और फंड का इस्तेमाल
कोर्ट ने एक ‘जीरो पीरियड’ का निर्देश दिया है, जिसका मतलब है कि जब तक प्रोजेक्ट पूरा नहीं होता और घर खरीदारों को नहीं मिल जाते, तब तक नोएडा अथॉरिटी या बैंक को कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही, यह भी तय किया गया है कि नया डेवलपर नियुक्त किया जाएगा, जिसका पुराने मैनेजमेंट से कोई संबंध नहीं होगा। सारा पैसा एक एस्क्रो अकाउंट में रखा जाएगा और उसका इस्तेमाल सिर्फ निर्माण कार्य के लिए होगा।
प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति और गड़बड़ियों का खुलासा
| विवरण |
जानकारी |
| कुल हाउसिंग यूनिट्स |
2,863 |
| कब्जा मिल चुका है |
1,121 यूनिट्स |
| बची हुई यूनिट्स |
5,251 (निर्माण लंबित) |
| प्रोजेक्ट की स्थिति |
लगभग 70-80% पूरा |
| घोटाले का खुलासा |
₹1,500 करोड़ की हेराफेरी (Forensic Audit) |
| निवेश |
Kotak Investment द्वारा ₹750 करोड़ (अगस्त 2024) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
Supernova प्रोजेक्ट के खरीदारों के लिए नया अपडेट क्या है?
सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने PwC को ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त किया है और एक नया डेवलपर लाने की तैयारी है ताकि रुके हुए काम को पूरा किया जा सके।
क्या नोएडा अथॉरिटी खरीदारों पर कार्रवाई कर सकती है?
नहीं, सुप्रीम कोर्ट के ‘जीरो पीरियड’ आदेश के कारण नोएडा अथॉरिटी और बैंक उन खरीदारों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर सकते जिन्होंने अपने यूनिट्स का भुगतान कर दिया है।