UP : नोएडा में वेतन वृद्धि और काम की खराब स्थितियों को लेकर मजदूरों में भारी नाराजगी है। पिछले कुछ दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद अब राजनीतिक माहौल गरमा गया है। CPM सांसद जॉन ब्रिटस ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप
UP : नोएडा में वेतन वृद्धि और काम की खराब स्थितियों को लेकर मजदूरों में भारी नाराजगी है। पिछले कुछ दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद अब राजनीतिक माहौल गरमा गया है। CPM सांसद जॉन ब्रिटस ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने बड़ी संख्या में मजदूरों को अवैध तरीके से हिरासत में लेने की बात कही है।
मजदूरों की क्या है मांग और क्या हुआ विवाद
नोएडा के मजदूर वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनकी मांग थी कि न्यूनतम वेतन कम से कम 20,000 रुपये महीना होना चाहिए। हालांकि, यूपी सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से न्यूनतम वेतन में करीब 21% की बढ़ोतरी की है, लेकिन मजदूर इसे नाकाफी बता रहे हैं। इसी विवाद के बीच 13 से 17 अप्रैल के बीच नोएडा के कुछ हिस्सों में हिंसा भी हुई, जिसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई की।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान करीब 300 लोगों को हिरासत में लिया गया और 7 FIR दर्ज की गईं। पुलिस ने हिंसा भड़काने के आरोप में आदित्य आनंद, हिमांशु ठाकुर और सत्यम वर्मा जैसे लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस का दावा है कि पाकिस्तान से संचालित कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक जानकारी फैलाकर लोगों को उकसाया गया, जिस पर भी केस दर्ज किया गया है।
सांसद और ट्रेड यूनियन के गंभीर आरोप
CPM सांसद जॉन ब्रिटस ने एक फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 1000 से ज्यादा मजदूरों और अन्य लोगों को बिना कानूनी प्रक्रिया के हिरासत में लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं और नाबालिगों को भी पकड़ा गया और उनके परिवारों को कोई जानकारी नहीं दी गई। साथ ही, CITU के दफ्तरों को सील करने और उनके नेताओं को नजरबंद करने का मुद्दा भी उठाया गया है।
| श्रेणी (Worker Category) |
पुराना वेतन (Monthly) |
नया वेतन (Monthly) |
| अकुशल (Unskilled) |
11,313 रुपये |
13,690 रुपये |
| अर्ध-कुशल (Semi-skilled) |
12,445 रुपये |
15,059 रुपये |
| कुशल (Skilled) |
13,940 रुपये |
16,868 रुपये |