UP: नोएडा में मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नरेट गौतम बुद्ध नगर ने इस हिंसा के मुख्य आरोपियों, सत्यम वर्मा और आकृति चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा अध
UP: नोएडा में मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नरेट गौतम बुद्ध नगर ने इस हिंसा के मुख्य आरोपियों, सत्यम वर्मा और आकृति चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाया है। इन दोनों पर शहर में आगजनी, तोड़फोड़ और शांति भंग करने के गंभीर आरोप हैं।
NSA क्यों लगाया गया और मुख्य आरोपी कौन हैं?
पुलिस के मुताबिक, 13 अप्रैल 2026 को नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसमें पत्थरबाजी और तोड़फोड़ हुई थी। इस मामले में ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ से जुड़े सत्यम वर्मा और आकृति चौधरी ने लोगों को उकसाने और हिंसा फैलाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि उनके पास इन दोनों और 65 अन्य आरोपियों के खिलाफ पुख्ता वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक सबूत मौजूद हैं। NSA लगने के बाद अब इन्हें बिना ट्रायल के एक साल तक हिरासत में रखा जा सकता है।
विदेशी फंडिंग का क्या है पूरा मामला?
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी सत्यम वर्मा के बैंक खाते में अलग-अलग देशों से डॉलर, पाउंड और यूरो में पैसे आए थे। पुलिस का दावा है कि वर्मा के खाते में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी फंडिंग आई, जिसे बाद में अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया। पुलिस अब उन संस्थाओं की भी जांच कर रही है जिनसे वर्मा जुड़े हुए थे। हालांकि, सत्यम वर्मा के वकील चौधरी अली ज़िया कबीर ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वर्मा एक फ्रीलांस ट्रांसलेटर हैं और उन्हें उनके काम के लिए कानूनी तौर पर भुगतान मिला है।
कोर्ट में क्या हुआ और अब आगे क्या होगा?
14 मई 2026 को सूरजपुर सेशन कोर्ट में सत्यम और आकृति की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई, लेकिन कोर्ट ने उन्हें कोई राहत नहीं दी और सुनवाई आगे बढ़ा दी। अगली सुनवाई 18 मई को होनी है। वहीं, आकृति के परिवार का कहना है कि उन्हें हिंसा से दो दिन पहले ही हिरासत में ले लिया गया था। सत्यम वर्मा के वकील अब NSA की कार्रवाई को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नोएडा में हिंसा क्यों हुई थी?
यह हिंसा 13 अप्रैल 2026 को हुई थी, जब लगभग 40,000 से 45,000 मजदूर वेतन बढ़ाने और काम की स्थिति सुधारने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं।
NSA कानून के तहत आरोपी को कितनी देर हिरासत में रखा जा सकता है?
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) 1980 के तहत प्रशासन को यह अधिकार है कि वह सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए किसी व्यक्ति को बिना ट्रायल के एक साल तक हिरासत में रख सकता है।