UP: जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी पहली कमर्शियल उड़ान के लिए अब पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को इसका उद्घाटन किया था। टाटा प्रोजेक्ट्स ने जानकारी दी है कि एयरपोर्ट का काम पूर
UP: जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अपनी पहली कमर्शियल उड़ान के लिए अब पूरी तरह तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को इसका उद्घाटन किया था। टाटा प्रोजेक्ट्स ने जानकारी दी है कि एयरपोर्ट का काम पूरा हो चुका है और इसे डीजीसीए (DGCA) से जरूरी लाइसेंस भी मिल गया है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को हवाई सफर के लिए एक बड़ा और आधुनिक विकल्प मिलेगा जिससे दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा।
कब से शुरू होगी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें?
नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू के अनुसार, लाइसेंस मिलने के बाद उड़ानों का शेड्यूल और स्टाफ की व्यवस्था करने में करीब 45 से 60 दिन का समय लगता है। एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए बीसीएएस (BCAS) से जल्द ही सर्टिफिकेट मिलने की उम्मीद है।
- घरेलू उड़ानें: अप्रैल के मध्य से मई 2026 के बीच शुरू होने की संभावना है।
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानें: इन उड़ानों के लिए सितंबर 2026 तक का समय लग सकता है।
- टिकट बुकिंग: घरेलू उड़ानों के लिए टिकटों की बुकिंग सफर शुरू होने से 6 हफ्ते पहले और अंतरराष्ट्रीय के लिए 90 दिन पहले शुरू हो सकती है।
एयरपोर्ट की क्षमता और इससे होने वाले फायदे
यह एयरपोर्ट ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की मदद से विकसित किया गया है। यहाँ से इंडिगो, आकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसी एयरलाइन्स अपनी सेवाएं दे सकती हैं। एयरपोर्ट के पहले फेज को करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है।
| सुविधा |
विवरण |
| सालाना यात्री क्षमता |
1.2 करोड़ यात्री |
| रनवे की लंबाई |
3,900 मीटर |
| सीधे रोजगार |
करीब 50,000 अवसर |
| परोक्ष रोजगार |
करीब 5 लाख अवसर |
अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट शुरू होने से उत्तर प्रदेश की जीडीपी में 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त होगी। इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा के इलाकों में जमीन और मकानों की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। यहाँ एक बड़ा कार्गो टर्मिनल भी बनाया गया है जिससे व्यापार और लॉजिस्टिक्स को मजबूती मिलेगी।