UP : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने में अब एक नई अड़चन आ गई है। केंद्र सरकार ने एयरपोर्ट के CEO के लिए विदेशी नागरिक की अनुमति देने से मना कर दिया है। इस वजह से अब एयरपोर्ट के मौजूदा स्विस CEO क्रिस्टोफ शन
UP : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने में अब एक नई अड़चन आ गई है। केंद्र सरकार ने एयरपोर्ट के CEO के लिए विदेशी नागरिक की अनुमति देने से मना कर दिया है। इस वजह से अब एयरपोर्ट के मौजूदा स्विस CEO क्रिस्टोफ शनेलमान को हटाकर किसी भारतीय को नियुक्त करना पड़ सकता है, तभी कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू हो पाएंगी।
CEO का पद भारतीय क्यों होना चाहिए?
ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) के 2011 के नियमों के मुताबिक, ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के CEO का भारतीय होना जरूरी है। इसका मुख्य कारण यह है कि CEO को सिक्योरिटी कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी निभानी होती है। इस रोल में उन्हें देश की खुफिया एजेंसियों के साथ काम करना होता है और बेहद गोपनीय सुरक्षा मामलों को संभालना होता है, जिसे विदेशी नागरिक को नहीं सौंपा जा सकता।
ऑपरेशंस पर क्या पड़ेगा असर?
गृह मंत्रालय ने BCAS की उस मांग को खारिज कर दिया है जिसमें नियमों में ढील देने की बात कही गई थी। इस फैसले की वजह से एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ्लाइट्स की शुरुआत अब अनिश्चित काल के लिए टल गई है। पहले उम्मीद थी कि अप्रैल-मई 2026 तक उड़ानें शुरू हो जाएंगी, लेकिन अब CEO की सिक्योरिटी क्लीयरेंस न मिलने तक काम रुका हुआ है।
अब तक की मुख्य जानकारी
| विवरण |
जानकारी |
| मौजूदा CEO |
क्रिस्टोफ शनेलमान (स्विस नागरिक) |
| लाइसेंस मिला |
6 मार्च 2026 |
| उद्घाटन की तारीख |
28 मार्च 2026 |
| नियम बनाने वाली संस्था |
BCAS (2011 का आदेश) |
| अंतिम फैसला |
गृह मंत्रालय (MHA) |
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने बताया कि वे BCAS के साथ मिलकर सिक्योरिटी प्रोग्राम की मंजूरी के लिए काम कर रहे हैं। फिलहाल केवल CEO की सिक्योरिटी क्लीयरेंस ही वह एकमात्र मुद्दा है जिसकी वजह से कमर्शियल ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहे हैं।