Noida-Greater Noida में कोचिंग सेंटरों पर चला प्रशासन का डंडा, फायर सेफ्टी न होने पर कई संस्थान सील

UP/Gautam Buddha Nagar: लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कोचिंग सेंटरों में हड़कंप मच गया है. प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की जांच के लिए ताबड़तोड़ अभियान शुरू किया है, जिसमें लापरवाही बरतने वाले कई

UP/Gautam Buddha Nagar: लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कोचिंग सेंटरों में हड़कंप मच गया है. प्रशासन ने सुरक्षा मानकों की जांच के लिए ताबड़तोड़ अभियान शुरू किया है, जिसमें लापरवाही बरतने वाले कई संस्थानों पर ताला जड़ दिया गया है. इस कार्रवाई का मुख्य मकसद छात्रों और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की जान बचाना है.

बुधवार, 24 जून 2026 को गौतमबुद्ध नगर में एक संयुक्त टीम ने 46 कोचिंग सेंटरों का अचानक निरीक्षण किया. इस दौरान ग्रेटर नोएडा में एक सेंटर के क्लासरूम को इसलिए सील कर दिया गया क्योंकि वहां फायर एग्जिट यानी बाहर निकलने का रास्ता नहीं था. इसके अलावा सात अन्य संस्थानों को जरूरी रजिस्ट्रेशन न होने की वजह से तुरंत सील कर दिया गया. नोएडा में भी तीन कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई हुई है. पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर यह अभियान पूरे जिले में चलाया जा रहा है.

यह सख्ती सिर्फ नोएडा तक सीमित नहीं है, बल्कि गाजियाबाद और वाराणसी जैसे जिलों में भी तेज हो गई है. दिल्ली-एनसीआर के नोएडा और गाजियाबाद में अब तक करीब 60 प्रतिष्ठानों को सील किया जा चुका है. गाजियाबाद में फायर एनओसी के बिना चल रहे 206 कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की जांच हुई, जिनमें से 62 को सील कर दिया गया है. गौतमबुद्ध नगर में अब तक कुल 66 संस्थानों की जांच हुई है, जिनमें 9 को सील किया गया और 12 को नोटिस भेजा गया है.

क्षेत्र/जिला कुल निरीक्षण सील किए गए संस्थान अन्य कार्रवाई
गौतमबुद्ध नगर 66 9 12 नोटिस जारी
गाजियाबाद 206 62 फायर एनओसी की जांच
नोएडा-ग्रेटर नोएडा (24 जून) 46 8 क्लासरूम सीलिंग शामिल

जिला दमकल अधिकारी प्रदीप कुमार ने साफ किया है कि बच्चों की जान जोखिम में नहीं डाली जाएगी और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि यह ऑडिट जनहित में हो और पहले लोगों को जागरूक किया जाए, उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई हो. प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अब बिना किसी सूचना के निरीक्षण होगा और गलती पाए जाने पर सीधे सीलिंग और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सभी सेंटरों को अब फायर एनओसी, सही निकासी द्वार और अग्निशमन उपकरणों का इंतजाम करना होगा.